लेबड़-जावरा बना ‘मौत का मार्ग’ : 2,225 जानें गईं, विधानसभा में पेश हुए चौंकाने वाले आंकड़े

भोपाल। प्रदेश में कुछ मार्ग ऐसे हैं, जहां सड़क हादसों में हजारों लोगों की जान गई है। इनमें सबसे ऊपर लेबड़-जावरा मार्ग है। यहां सड़क हादसों में 2,225 लोगों की मौत हुई। दूसरे नंबर पर ग्वालियर-भिंड-इटावा मार्ग है, जहां अभी तक 1,503 लोग हादसों में जान गंवा चुके हैं।

तीसरे नंबर पर जावरा-नयागांव फोरलेन है, जहां 1,281 लोगों की जान गई। मार्ग बनने से लेकर जनवरी 2026 तक की स्थिति की यह जानकारी विधानसभा में शुक्रवार को कांग्रेस विधायक महेश परमार के प्रश्न के लिखित उत्तर में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने दी।

प्रदेश में राज्य सड़क विकास निगम के 85 टोल मार्ग हैं। विभागीय मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि उपभोक्ता शुल्क संग्रहण एजेंसी का अनुबंध समाप्त होने पर नई एजेंसी निर्धारित होने तक या सड़क के उन्नयन कार्य स्वीकृत होने पर निर्माण कार्य प्रारंभ होने तक निगम द्वारा टोल संग्रहण वैकल्पिक व्यवस्था के तहत किया जाता है, ताकि अव्यवस्था न बने और टोल की निरंतरता बनी रहे।

स्थिति यह है कि कई मार्गों पर लागत से अधिक टोल वसूला जा चुका है। इसमें सबसे आगे लेबड़-जावरा मार्ग है।

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