कृष्ण सर्किट बनाने के लिए दूसरे राज्यों के साथ एमओयू करेगी मप्र सरकार, खुलेंगे रोजगार के द्वार
भोपाल। कृष्ण पाथेय बनाने में जुटी मध्य प्रदेश सरकार अब कृष्ण सर्किट बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए विभिन्न राज्यों के बीच अनुबंध करने की तैयारी है। कुछ राज्यों के बीच सहमति भी बन चुकी है। राज्य एक-दूसरे को किन विषयों पर सहयोग करेंगे, यह एमओयू में निर्धारित होगा। सर्किट बनने से न सिर्फ सुविधाओं का विस्तार होगा, बल्कि पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
पर्यटकों के साथ स्थानीय लोगों को भी फायदा होगा। रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने कहा कि गत वर्ष अक्टूबर में भोपाल में आयोजित मप्र ट्रैवल मार्ट में विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि आए थे, जिसमें सभी ने बुद्ध सर्किट की तरह कृष्ण सर्किट बनाने पर सहयोग करने की बात कही थी।
यह काम एक-दूसरे के सहयोग से ही संभव है। क्योंकि भगवान कृष्ण जुड़े विभिन्न स्थलों को जोड़ने वाली सड़क बनानी है तो संबंधित राज्यों का सहयोग जरूरी है। सड़क यातायात, रेल और एयर कनेक्टिविटी में भी एक-दूसरे का सहयोग मिलेगा। सांस्कृतिक आयोजन भी मिलकर कर सकते हैं।
विभिन्न राज्यों में यात्रा निकालने जा रहा है श्रीकृष्ण पाथेय न्यास
भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को लोगों से परिचित कराने के लिए श्रीकृष्ण पाथेय न्यास विभिन्न राज्यों में यात्रा निकालने जा रहा है। इसकी शुरुआत गुवाहाटी से होगी। यात्रा मणिपुर, कोलकाता, बिहार, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध प्रदेश, केरल और कर्नाटक से निकलेगी।
