‘रमजान के महीने में किया अफगानियों का नरसंहार’, UNSC में भारत की पाकिस्तान को फटकार, अफगानिस्तान पर खोली पोल

न्यूयॉर्क: भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में एक बार फिर पाकिस्तान को जमकर घेरा है। अफगानिस्तान के हालात पर चर्चा के दौरान यूएन सिक्योरिटी काउंसिल में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वथनेनी हरीश ने देश का पक्ष रखा है। उन्होंने बताया कि भारत ने हर मोर्चे पर अफगानिस्तान की मदद की है, जबकि पाकिस्तान ने हालिया महीनों में बार-बार हवाई हमले करते हुए अफगानी लोगों के लिए मुसीबत खड़ी की है।

भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अफगानिस्तान पर पाकिस्तान के सैन्य हमलों की निंदा करते हुए इसे नरसंहार करार दिया है। पी हरीश ने कहा कि पाकिस्तान ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर बेकसूर आम नागरिकों को मारा है। पाकिस्तान की यह हरकत सीधेतौर पर अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का उल्लंघन है।

‘पाकिस्तान ने सारी हदें पार की’

भारतीय प्रतिनिधि ने UNAMA (अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन) के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि सिर्फ 2026 के शुरुआती तीन महीनों में 372 आम नागरिक मारे गए और 397 घायल हुए। इनमें से बड़ी संख्या में लोग रमजान के पवित्र महीने के दौरान हताहत हुए।

पी हरीश ने पाकिस्तान पर अफगान क्षेत्र को जानबूझकर निशाना बनाने और साथ ही अफगानिस्तान के लिए व्यापार और पारगमन मार्गों में बाधा डालने का आरोप लगाया। उन्होंने इस नीति को व्यापार और पारगमन आतंकवाद करार दिया और दुनिया से इस पर ध्यान देने की अपील की।

अफगानिस्तान की स्थिति का फायदा उठा रहा पाक

भारतीय प्रतिनिधि पी हरीश ने कहा कि अफगानिस्तान एक ‘लैंडलॉक’ (चारों ओर से जमीन से घिरा) देश है। उसकी इस स्थिति का इस्तेमाल पाकिस्तान ने एक हथियार के तौर पर किया है। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान ने सामानों की सीमा-पार आवाजाही पर प्रतिबंध लगाए हैं।

अफगानिस्तान के सामानों पर बैन अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों, लैंडलॉक विकासशील देशों पर संयुक्त राष्ट्र के घोषणापत्रों और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन है। भारत ने अफगान व्यापार मार्ग खुला रखने के प्रयास किए हैं, जिसमें बिना टैरिफ बाजार तक पहुंच और एयर फ्रेट कॉरिडोर शामिल है।

भारत की अफगानिस्तान को मदद

भारत ने UNSC के मंच से यह भी बताया कि दिल्ली ने अफगानिस्तान में बड़े पैमाने पर मानवीय और विकास संबंधी मदद की है। पी हरीश ने कहा कि भारत की अफगानिस्तान को मदद सभी 34 प्रांतों में फैली हुई है। भारत की मदद के अफगानिस्तान में 500 से ज्यादा प्रोजेक्ट हैं।

साल 2021 से भारत ने 50,000 टन गेहूं, 420 टन दवाएं और टीके और 40,000 लीटर कीटनाशक अफगानिस्तान भेजे हैं। इस साल अप्रैल में ही भारत ने बाढ़ राहत का जरूरी सामान और टीके काबुल भेजे, जिनमें BCG और टेटनस-डिप्थीरिया की खुराकें शामिल थीं।

भारत ने अफगानियों के लिए खोला दिल

भारत ने अफगानिस्तान के पक्तिका, खोस्त और पक्तिया में मैटरनिटी क्लीनिक, काबुल में इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ चाइल्ड हेल्थ का अपग्रेडेशन, ऑन्कोलॉजी सेंटर, ट्रॉमा सेंटर और 30 बिस्तरों वाला अस्पताल बनाया है। इसकी जानकारी भारत ने यूएन के मंच से दुनिया को दी है।

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