पैसा ही पैसा होगा… टैरिफ को लेकर ट्रंप की खिल रही बांछें, अमेरिका के कर्ज को लेकर कह डाली यह बात

नई दिल्ली: भारत समेत दुनिया के कई देशों पर टैरिफ लगाने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप काफी खुश नजर आ रहे हैं। उन्होंने सोमवार को कहा कि अमेरिका को ये काम बहुत पहले कर लेना चाहिए था। ट्रंप ने कहा कि टैरिफ लगाने के बाद अमेरिका के पास पैसा ही पैसा होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि टैरिफ से जो पैसा आएगा, उससे अमेरिका का कर्ज कम होगा।

ट्रंप ने जोर देकर कहा कि टैरिफ का मकसद सिर्फ ‘फेयरनेस’ है, किसी पर दबाव डालना या किसी से फायदा उठाना नहीं। उन्होंने कहा, ‘मैं किसी पर दबाव नहीं डाल रहा। मैं सिर्फ फेयरनेस चाहता हूं। हम चाहते हैं कि जहां तक हो सके, सब कुछ बराबर हो।’

टैरिफ को बताया सही

ट्रंप ने कई देशों पर लगाए गए टैरिफ को सही बताया। उन्होंने कहा कि इससे जो पैसा आएगा, उससे अमेरिका का राष्ट्रीय कर्ज चुकाया जाएगा। ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, ‘हम कर्ज चुकाएंगे। हमारे पास बहुत पैसा आ रहा है। टैरिफ से हमारे देश को अरबों डॉलर मिलेंगे। इतना पैसा पहले कभी नहीं आया। हम कर्ज कम करेंगे। ये काम हमें बहुत पहले कर लेना चाहिए था।’

किस देश पर कितना टैरिफ?

ट्रंप ने कुछ देशों से आने वाले सामान पर 50% तक टैरिफ लगाया है। ये उन देशों से आने वाले सामान पर है जिनसे अमेरिका को व्यापार में नुकसान होता है। बाकी देशों से आने वाले लगभग सभी सामान पर 10% टैरिफ लगाया गया है। उन्होंने 1977 के एक कानून का हवाला देते हुए व्यापार में नुकसान को ‘नेशनल इमरजेंसी’ बताया है। इससे अमेरिका के व्यापार में बड़ा बदलाव होने की उम्मीद है।

टैरिफ को लेकर ट्रंप ने 1 अगस्त डेडलाइन तय की थी। हालांकि 1 अगस्त से पहले ही ट्रंप ने टैरिफ को लेकर नया आदेश जारी कर दिया। इसमें 69 देशों के लिए टैरिफ बढ़ा दिया गया। ब्राजील पर 50%, सीरिया पर 41%, स्विट्जरलैंड पर 39%, कनाडा पर 35%, भारत पर 25% और ताइवान पर 20% टैरिफ लगाया है। वहीं, पाकिस्तान पर टैरिफ 29% से घटाकर 19% कर दिया गया है।

पहले कार्यकाल में करना चाहते यह सब

ट्रंप ने कहा कि वे ये सब अपने पहले कार्यकाल में ही करना चाहते थे, लेकिन कोरोना की वजह से नहीं कर पाए। उन्होंने कहा, ‘मैंने ये काम अपने पहले कार्यकाल में चीन के साथ किया था। बाकी देशों के साथ नहीं कर पाए क्योंकि COVID आ गया।’


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