MP राज्यसभा चुनाव में ‘खेला’ होने के आसार, कांग्रेस की एक सुरक्षित सीट पर भाजपा की नजर, रोचक हुआ गणित
भोपाल। मध्य प्रदेश में रिक्त हो रही राज्यसभा की तीन सीटों का चुनाव दिलचस्प हो सकता है। राज्य विधानसभा में सदस्य संख्या के हिसाब से दो सीटें भाजपा और एक सीट कांग्रेस के लिए सुरक्षित दिखाई दे रही थीं, लेकिन अब कांग्रेस को आसानी से मिल सकने वाली इस एक सीट पर गणित रोचक बन रहा है। उल्लेखनीय है कि यह वह सीट है, जिससे प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सदस्य हैं। उनका कार्यकाल इसी जून में समाप्त हो रहा है।
बता दें कि शुक्रवार को दतिया से विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता खत्म होने पर मध्य प्रदेश की 230 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के 64 सदस्य रह जाते हैं। पिछले दिनों सजा होने के बाद कोर्ट द्वारा विजयपुर विधायक मुकेश मल्होत्रा के वोट डालने पर रोक लगी हुई है। वहीं, बीना से विधायक निर्मला सप्रे के दलबदल का मामला भले ही विचाराधीन है, लेकिन वह भाजपा के ही साथ हैं। इस तरह कांग्रेस के पास केवल 62 वोट हैं।
राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 58 सदस्यों के वोट चाहिए। चार से पांच कांग्रेस विधायक भाजपा के संपर्क में बताए जा रहे हैं। एक विधायक भारत आदिवासी पार्टी का है। यदि कांग्रेस के तीन-चार विधायक क्रॉस वोटिंग कर दें तो भाजपा यह सीट जीत सकती है।
ऐसे में, अवसर का लाभ लेकर भाजपा राज्य से तीसरी राज्यसभा सीट पर अपना प्रत्याशी उतारने की रणनीति पर काम कर रही है। वह तीसरी सीट के लिए अतिरिक्त प्रत्याशी उतारने की पूरी तैयारी में है, जिससे मुकाबला रोचक होने की संभावना है।
कांग्रेस के असंतोष का लाभ लेना चाहती है भाजपा
भाजपा कांग्रेस के आंतरिक असंतोष और विधायकों की संभावित क्रॉस वोटिंग का लाभ उठाकर राज्यसभा की तीसरी सीट पर भी कब्जा करने की योजना बना रही है। दिग्विजय सिंह के फिर चुनाव लड़ने से इनकार के बाद कांग्रेस में इस एक सीट के लिए मीनाक्षी नटराजन और कमल नाथ सहित कई अन्य दावेदारों के नाम चर्चा में हैं।
पार्टी के भीतर दलित या आदिवासी चेहरे को भेजने की मांग भी उठ रही है। भाजपा के पास 164 वोट हैं। दो सीट के बाद 48 वोट बचेंगे। ऐसी स्थिति में उसे लगभग 10 वोटों की आवश्यकता होगी। भाजपा रणनीति बना रही है कि यदि कांग्रेस के 4-5 विधायक भी क्रॉस वोटिंग करते हैं, तो वह तीसरी सीट भी जीत सकती है।
