एमपी में बनेगी वाहनों की स्पीड लिमिट पॉलिसी:IIT खड़गपुर के साथ प्लान तैयार करेगा विभाग, सीएम बोले- बगैर फर्स्ट एड बॉक्स वाहन न चलें
एमपी में प्रदेश के अलग अलग स्थानों पर भौगोलिक परिस्थितियों के आधार पर वाहनों की डायनामिक स्पीड लिमिट तय की जाएगी। इसके लिए परिवहन विभाग द्वारा आईआईटी खड़गपुर के साथ मिलकर स्पीड मैनेजमेंट पॉलिसी बनायी जाएगी। इस पॉलिसी में स्पीड की जांच और उल्लंघन होने पर लाइसेंस निलंबित करने की कार्यवाही प्रस्तावित की जा रही है।
भोपाल में परिवहन विभाग की पहल पर आईआईटी खड़गपुर की टीम और कंज्यूमर वाइज़ संस्था द्वारा भोपाल में स्पीड मैनेजमेंट को लेकर स्टेक होल्डर कॉन्सिलेशन कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। कॉन्फ्रेंस में वाहनों के तेज गति से होने वाली दुर्घटनाओं और मृत्यु के आंकड़ों में किस प्रकार से कमी लाई जाये, इस पर मंथन किया गया।
आईआईटी खड़गपुर के प्रोफेसर डॉ. भार्गव मैत्रा द्वारा प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर भौगोलिक स्थिति के अनुसार डायनिमिक स्पीड लिमिट तय करने और सड़क सुरक्षा के विभिन्न उपलब्ध समाधान पर प्रकाश डाला गया। यह तय हुआ कि उन स्थानों को चयनित किया जाये, जहां दुर्घटना की ज्यादा संभावना है। वहां नागरिकों को नि:शुल्क परामर्श दिया जाए।
इसी के साथ उन चयनित स्थानों पर टेक्नालॉजी के माध्यम से स्पीड की जांच और उल्लंघन होने पर लाइसेंस को निलंबित करने की अनुशंसा की गई। इस पूरी प्रक्रिया के लिये आईआईटी खड़गपुर विस्तृत प्रस्ताव परिवहन विभाग को देगा। कॉन्फ्रेंस में असीम सान्याल, सीईओ कंज्यूमर वाइज़ एवं एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी, नगर निगम एवं आरआरडीए के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
बगैर फर्स्ट एड बॉक्स न चलें वाहन
उधर प्रदेश में परिवहन विभाग ने 22 सितम्बर से वाहनों की चेकिंग के लिये एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान इस बात पर विशेष ध्यान दे रहा है कि बगैर फर्स्ट एड बॉक्स के वाहन सड़क पर न चलें। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने परिवहन विभाग की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिये थे कि यात्रियों की सुरक्षा के लिये बसों में फर्स्ट एड बॉक्स अनिवार्य रूप से हो। परिवहन विभाग ने गुरुवार को प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर 1718 यात्री बसों की जांच की गई और जिन बसों में फर्स्ट एड बॉक्स नहीं पाये गए उन पर चालानी कार्रवाई की गई। फर्स्ट एड बॉक्स न होने पर विभाग परमिट जारी नहीं करेगा।
