साहस के दम पर नक्सलियों को पकड़ा, वीरता पुरस्कार के लिए चार में जिले के श्याम कुमार मरावी, राजकुमार कोल भी

बालाघाट ।    नक्सल विरोधी अभियान में साहस, जिद और जज्बे के दम पर नक्सलियों के मंसूबों को नाकाम करने वाले जिले के चार पुलिसकर्मियों को वीरता पुरस्कार के लिए चुना गया है। वर्ष 2020 और 2021 में हुए नक्सल आपरेशन में पुलिस व हाकफोर्स ने दो हार्डकोर नक्सलियों को गिरफ्तार किया था।वीरता पुरस्कार प्राप्त करने वाले पुलिसकर्मियों में तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बैहर व वर्तमान में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिवनी श्याम कुमार मरावी, राजकुमार कोल प्रधान आरक्षक, शिवकुमार मरावी निरीक्षक और शेख रशीद प्रधान आरक्षक शामिल हैं।

घेराबंदी होते ही नक्सली भागे, 20 मिनट चली गोलियां

17 सितंबर 2020 को थाना मलाजखंड अंतर्गत ग्राम समनापुर-बांधाटोला के जंगल में पुलिस-नक्सल मुठभेड़ में आठ लाख इनामी और विस्तार प्लाटून-2 का सक्रिय एरिया कमेटी मेंबर बादल उर्फ कोसा को गिरफ्तार किया गया। इस ऑपरेशन को लीड करने वाले तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बैहर श्याम कुमार मरावी ने बताया कि हमें कई दिनों से बांधाटोला के जंगल में नक्सलियों के मूवमेंट की खबरें मिल रही थीं। ऑपरेशन के लिए 20 से 22 पुलिस और हाकफोर्स जवानों की टीम बनाई गई। 17 सितंबर को हमारी घेराबंदी का नक्सलियों को आभास हो गया था। करीब आधा दर्जन से अधिक नक्सलियों ने कोशिश की। इसमें बादल उर्फ कोसा ने तालाब में कूद गया। बादल को बचाने के लिए जंगलों में छिपकर नक्सलियों ने हम पर अंधाधुन फायरिंग शुरू कर दी। करीब 20 से 25 मिनट तक फायरिंग चली। प्रधान आरक्षक राजकुमार कोल ने अपनी जान की परवाह किए बगैर तालाब में छलांग लगा दी और बादल को बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर लाया गया। चूंकि मैं ऑपरेशन लीड कर रहा था, इसलिए मेरा फोकस सफल आपरेशन के साथ जवानों को प्रोत्साहित करने पर भी था। जवानों के शौर्य, जज्बे और मिलकर लड़ने की भावना ने ही इस ऑपरेशन का सफल बनाया।नक्सली बादल पर मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में 17 अपराध पंजीबद्ध हैं।

गांव जाकर जुटाई जानकारी, फायरिंग के बीच नक्सली को पकड़ा

सालभर बाद बिरसा थाना के ग्राम जैरासी में हुए आपरेशन में पुलिस व हाकफोर्स ने आठ लाख के इनामी और खटिया मोचा एरिया कमेटी के सक्रिय सदस्य संदीप उर्फ लख्खू कुंजाम को गिरफ्तार किया था। इस आपरेशन को निरीक्षक शिवकुमार मरावी ने लीड किया था।पुलिस को जैरासी में नक्सलियोंं की गतिविधियों की सूचना लगातार मिल रही थी। निरीक्षक श्री मरावी व प्रधान आरक्षक शेख रशीद, जान की परवाह किए बिना जैरासी गांव में दाखिल हुए और गोपनीय ढंग से नक्सलियों से जुड़े इनपुट जुटाए। टीम को इसकी सूचना देकर नक्सलियों की घेराबंदी की गई। रात साढ़े आठ बजे जंगल में छिपे नक्सलियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी और भागने का प्रयास किया। इतने में श्री मरावी और शेख रशीद ने फायरिंग के बीच पीछा करते हुए नक्सली संदीप को गिरफ्तार किया। संदीप पर मप्र व छग में 22 अपराध पंजीबद्ध हैं।

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