इसी माह मिल जाएंगे कांग्रेस को नए जिलाध्यक्ष

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस संगठन को मजबूत करने के लिए लगातार बदलाव कर रही है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी जमीन पर काम करने वाले युवाओं को मौका दे रहे हैं। जब से प्रदेश के नए प्रभारी हरीश चौधरी ने पद संभाला है, इसमें और तेजी आ गई। हरीश चौधरी पटवारी के साथ लगातार प्रदेश का दौरा कर रहे हैं, और संगठन को मजबूत करने के लिए हर तरह के प्रयास कर रहे हैं। इसी कड़ी में कांग्रेस के नए जिला अध्यक्षों और ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति की कवायद  तेज कर दी गई है।  जिला अध्यक्षों के नामों को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी के साथ चर्चा हो चुकी है। कांग्रेस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अगले सप्ताह तक जिला अध्यक्षों की लिस्ट जारी हो सकती है। इसके लिए अपने स्तर पर पार्टी प्रदेशाध्यक्ष ने मौजूदा नेताओं और इस पद के दावेदारों को लेकर अपने स्तर पर पड़ताल भी कराई है।

ब्लॉक अध्यक्ष के लिए 45 और जिला अध्यक्ष 60 साल आयु तय
पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश प्रभारी और पीसीसी चीफ ने मिलकर युवा और ऊर्जावान नेताओं को ब्लॉक और जिले की कमान सौंपने की तैयारी कर ली है। तय किया गया है कि ब्लॉक अध्यक्ष 45 और जिलाध्यक्ष 60 साल से ज्यादा उम्र के नहीं होंगे। जिला व ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर पटवारी और सिंघार ने अलग-अलग प्रदेश के अधिकतर जिलों का दौरा कर लिया है। जिला अध्यक्षों के नामों का पैनल तैयार कर लिया है। अब जिला अध्यक्षों के नामों का ऐलान अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी करेगी।

देरी पर केंद्रीय नेतृत्व नाराज
 पीसीसी चीफ जीतू पटवारी को पद संभाले एक साल से ज्यादा का समय बीत गया है , लेकिन अभी तक पूरी तरह से उनकी टीम तैयार नहीं हुई है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मप्र कांग्रेस के संगठन का विस्तार नहीं होने से कांग्रेस हाईकमान नाखुश हैं। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह को हटाए जाने के पीछे इसे भी एक कारण माना जा रहा है। यही वजह है कि नए प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी शुरुआत से संगठन के गठन पर फोकस कर रहे हैं। चार महीने पहले एमपी कांग्रेस कमेटी की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी और प्रदेश कार्यसमिति समिति की बैठक हुई थी। बैठक में संगठन के विस्तार करने के संबंध में विस्तृत  चर्चा हो चुकी है। मोहल्ला एवं पंचायत कमेटी बनाने का भी निर्णय हुआ था, लेकिन अभी तक किसी भी जिले में इनका शत-प्रतिशत गठन नहीं किया जा सका है।

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