नब्बे प्रतिशत दुर्घटनाएं तेज वाहन चालन के कारण: संजय शर्मा

रायपुर। प्रजापिता बह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के यातायात एवं परिवहन सेवा प्रभाग द्वारा सड़क दुर्घटना में पीडि़त लोगों की स्मृति में विश्व यादगार दिवस मनाया गया। इसके अन्तर्गत विधानसभा रोड स्थित शान्ति सरोवर रिट्रीट सेन्टर रायपुर में परिसंवाद का आयोजन किया गया। विषय था- सुखद और सुरक्षित यातायात का आधार।

इस अवसर पर सहायक पुलिस महानिरीक्षक (यातायात) संजय शर्मा ने कहा कि यातायात दुघर्टना का प्रमुख कारण अत्यधिक तेज गति से वाहन चालन है। लगभग नब्बे प्रतिशत दुर्घटनाएं तेज वाहन चालन के कारण होती हैं। दुर्घटना के एक कारण सड़क का गलत डिजाईन यानि एलीवेशन का ठीक नहीं होना भी होता है। यातायात विभाग ऐसी दुर्घटना सम्भावित जगहों को चिन्हाकिंत कर ठीक कर रहा है। छत्तीसगढ़ में बच्चों को यातायात के नियमों की शिक्षा देने के लिए इसे पाठ्यक्रम में भी शामिल किया जा रहा है। यातायात पुलिस लोगों को जागरूक करने के लिए लगातार प्रयासरत है।

उन्होंने दुर्घटना में घायल लोगों की मदद के लिए आगे आने का आह्वान करते हुए कहा कि समय पर ईलाज मिलने से बहुत सी जिंदगीयाँ बचायी जा सकती हैं। इसीलिए गम्भीर रूप से घायल व्यक्ति की मदद करने पर शासन द्वारा पच्चीस हजार रूपये का पुरस्कार भी रखा गया है। कुछ लोग पुलिस कार्यवाही से बचने के लिए घायलों की मदद नहीं करते हैं उन्हें बतला दें कि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देश हैं कि उन्हें पुलिस द्वारा परेशान नहीं किया जाएगा। घायलों को चुने हुए अस्पतालों में सात दिनों तक मुफ्त ईलाज की व्यवस्था है।

सहायक पुलिस अधीक्षक (यातायात) डॉ. प्रशान्त शुक्ला ने कहा कि हम चन्द्रमा तक सुरक्षित पहुंच गए हैं लेकिन सड़क पर सुरक्षित यात्रा नहीं कर पाते हैं। दुर्घटना होने पर सारा दोष यातायात पुलिस पर मढ़ देते हैं। हमारे देश में नागरिक संस्कृति (सिविल सेन्स) की कमी है। यहाँ पर हत्याओं से ज्यादा लोग सड़क दुर्घटनाओं में मारे जाते हैं। यातायात के नियम जन सामान्य की सुरक्षा के लिए ही बनाए गए हैं जिसका पालन करने से हम स्वयं तो सुरक्षित रहेंगे ही साथ में दूसरों की भी जीवन रक्षा कर सकेंगे। उन्होंने इतने सुन्दर आयोजन के लिए ब्रह्माकुमारी संस्थान के यातायात प्रभाग की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे ही प्रयासों से लोगों में जागरूकता आएगी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए रायपुर संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने कहा कि हमारा जीवन अत्यन्त महत्वपूर्ण है। इसलिए अपने लिए और अपने परिवार जनों के लिए यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करना चाहिए। आए दिन हम समाचारों में पढ़ते हैं कि हर साल लाखों लोग मारे जाते हैं। धैर्यवत होकर गाड़ी चलाने से दुर्घटना से बच सकते हैं। राजयोग से मन को सन्तुलित करना सीख जाएं तो बहुत लाभ मिल सकता है।

राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी अदिति दीदी ने कहा कि सुरक्षित वाहन चालन के लिए मन का सन्तुलन जरूरी है। मन की स्थिरता के लिए राजयोग मेडिटेशन से लाभ मिल सकता है। कार्यक्रम का संचालन ब्रह्माकुमारी रूचिका दीदी ने किया। इस दौरान विश्व भर में घटित सड़क दुर्घटना में जान गँवाने वाले लोगों की आत्मिक शान्ति के लिए एवं दुर्घटना से प्रभावित व्यक्ति एवं उनके परिवारों को संवेदना एवं मानसिक संबल देने के लिए विशेष मेडिटेशन किया गया।

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