‘परमाणु युद्ध शुरू होता और तीसरे वर्ल्ड वॉर में बदल जाता’, डोनाल्ड ट्रंप ने बताया क्यों छेड़ा ईरान से युद्ध
वॉशिंगटन: अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले के बाद युद्ध बढ़ता जा रहा है। होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से दुनिया में एनर्जी सप्लाई भी प्रभावित है। वहीं दूसरी ओर डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध छेड़ने के फैसले का बचाव किया है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान पर हमला ना करने का नतीजा भविष्य में तीसरे विश्व युद्ध या परमाणु हमले के तौर पर निकल सकता था। ट्रंप को कथित तौर पर ईरान के खाड़ी देशों में जवाबी हमले और होर्मुज स्ट्रेट बंद होने के बारे में पहले ही बताया था। इसके बाद भी उन्होंने ईरान युद्ध में जाने का फैसला किया।
डोनाल्ड ट्रंप ने 28 फरवरी को इजरायल के साथ मिलकर हवाई हमले शुरू करने के फैसले का बचाव करते हुए तर्क दिया कि इसके आर्थिक परिणाम भविष्य के बुरे नतीजों को देखते हुए मामूली हैं। युद्ध के बाजार पर प्रभाव को उन्होंने इसकी एक बहुत छोटी कीमत बताया है। ट्रंप ने कहा कि शेयर बाजार को गिरने से रोकने के लिए उन्हें परमाणु हमला करने का मौका नहीं दिया जा सकता था।
तीसरा विश्व युद्ध छिड़ जाता: ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान को परमाणु बम बनाने से रोकने के लिए ये हमला किया गया। भविष्य के व्यापक संघर्ष को रोकने के लिए यह युद्ध जरूरी हो गया था। ट्रंप ने ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम के ‘खतरे’ की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘अगर हमने ईरान पर हमला नहीं किया होता तो भविष्य में एक परमाणु युद्ध छिड़ जाता। ये लड़ाई बढ़कर तीसरे विश्व युद्ध में बदल जाती। ऐसे में ईरान को कमजोर करने के लिए हमले किए गए।’
होर्मुज पर भी चेता दिया गया था
रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि ट्रंप को खाड़ी देशों पर हमले के साथ-साथ होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी बता दिया गया था। ट्रंप को ब्रीफ किया गया था कि ईरान इस अहम समुद्री गलियारे को बंद कर सकता है, जो तेल के परिवहन का एक अहम वैश्विक मार्ग है। ऐसे में इससे दुनियाभर में एनर्जी की किल्लत हो सकती है। इसके बाद भी ट्रंप ने ईरान पर हमले करने के फैसले पर आगे बढ़ने का फैसला लिया।
