कभी जमीन खरीदने वाला कोई नहीं था, अब करोड़पति बन गए किसान, जेवर एयरपोर्ट ने बदली तकदीर
नई दिल्ली: साल 2000 के करीब की बात है। मैं एक रिश्तेदार की बेटी की शादी में जेवर के करीब गांव किशोरपुर पहुंचा। मेरे शहर खुर्जा से यह गांव करीब 30 से 35 किलोमीटर दूर है। शादी में पहुंचने पर वहां कुछ लोगों से चर्चा हुई। बातों-बातों में एक रिश्तेदार ने बताया कि वह गांव छोड़कर शहर में बसने का प्लान बना रहे हैं। वह अपनी जमीन बेचना चाहते हैं, लेकिन कोई उचित खरीदार नहीं मिल रहा। जमीन की कीमत बहुत कम लगाई जा रही है। इस बात को कुछ ही समय गुजरा था कि सरकार ने जेवर में एयरपोर्ट का सपना देख लिया। इसके बाद पूरी कहानी बदल गई।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश की बदली तस्वीर
जेवर एयरपोर्ट ने सिर्फ जेवर क्षेत्र के गांव की ही तकदीर नहीं बदली। इस प्रोजेक्ट ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की तस्वीर भी बदल दी है। ये बदलाव कुछ इस प्रकार रहे:
- पश्चिमी उत्तर प्रदेश अब ई-कॉमर्स इंडस्ट्री के लिए बड़ा क्षेत्र बन गया है। यहां कई बड़े एयरपोर्ट हैं, जिनमें गाजियाबाद का हिंडन एयरपोर्ट भी शामिल है।
- पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नोएडा शहर में कई बड़ी-बड़ी कंपनियां मौजूद हैं और यह शहर काफी लोगों को रोजगार देता है।
- देश की राजधानी दिल्ली से नजदीकी भी इस क्षेत्र की तरक्की का बड़ा कारण है।
- कई बड़े हाईवे पश्चिमी उत्तर प्रदेश से गुजरते हैं। साथ ही यहां शहरों की कनेक्टिविटी पहले के मुकाबले काफी बेहतर हुई है।
- जेवर एयरपोर्ट को जोड़ने वाली सड़कें भी आने वाले समय में और बेहतर होंगी। यमुना एक्सप्रेसवे पहले ही अपनी तरक्की की कहानी लिख चुका है।
जमीन अधिग्रहण के बदले करोड़ों रुपये
- गौतम बुद्ध नगर के जेवर क्षेत्र में बने इस ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट के लिए 2019 से चरणबद्ध तरीके से हजारों हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की गई।
- किशोरपुर, दयानतपुर, रोही और रन्हेरा जैसे गांवों के किसानों को इसके बदले भारी मुआवजा मिला।
- कई किसानों को उनकी जमीन के आकार के हिसाब से करोड़ों रुपये मिले। उदाहरण कुछ किसानों को 10 बीघा जमीन के बदले करीब 2.5 करोड़ रुपये तक का मुआवजा मिला।
- बाद के कई चरणों में किसानों की मांग को देखते हुए सरकार ने मुआवजा दर में करीब 1200 रुपये प्रति वर्ग मीटर की बढ़ोतरी भी की।
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रियल एस्टेट बूम ने बढ़ाई संपत्ति
जेवर एयरपोर्ट बनने के साथ ही यमुना एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट क्षेत्र के आसपास की जमीन की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है।
- यमुना एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट क्षेत्र के आसपास प्लॉट की कीमतें बढ़कर करीब 9600 रुपये प्रति वर्ग फुट तक पहुंच गई हैं।
- यहां कई रियल एस्टेट कंपनियां फ्लैट बना रही हैं। फ्लैट की कीमतें 2020 के 1100 रुपये प्रति वर्ग फुट से बढ़कर करीब 2500 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गई हैं।
- एयरपोर्ट के आसपास इंडस्ट्रियल पार्क, लॉजिस्टिक्स हब और नए रियल एस्टेट प्रोजेक्ट तेजी से विकसित हो रहे हैं।
5 साल में 5 गुना बढ़त
- खुर्जा शहर से जेवर तक के रास्ते में आने वाली प्रॉपर्टी के दाम आसमान पर पहुंच गए हैं। सड़क किनारे जहां कभी खेत होते थे, वहां अब स्कूल, रेजिडेंशियल कॉलोनी, वेयरहाउस, फैक्ट्री आदि बन गई हैं।
- इस रास्ते पर पिछले 5 साल में जमीन की कीमत 5 गुना तक बढ़ गई है।
- InvestoXpert Advisors की रिपोर्ट के मुताबिक यमुना एक्सप्रेसवे के नजदीक अपार्टमेंट की कीमत पिछले 5 साल में 3950 रुपये से बढ़कर 10200 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गई है। यानी इसमें 158% की तेजी आई है।
- रिपोर्ट के मुताबिक 5 साल में प्लॉट की कीमत में भी जबरदस्त उछाल आया है। यह 1650 रुपये से बढ़कर 10500 प्रति वर्ग फुट हो गई है। यानी इसमें 536% की तेजी आई है।
लोगों की बदल गई लाइफस्टाइल
जेवर एयरपोर्ट में जिस शख्स को जमीन के बदले मुआवजा मिला, उनमें से ज्यादातर की लाइफस्टाइल ही बदल गई है। उन्होंने शानदार बड़े और आधुनिक सुविधाओं वाले मकान बनवा लिए हैं। महंगी गाड़ियां खरीद ली हैं। बच्चे बड़े और अच्छे स्कूलों में पढ़ रहे हैं। काफी लोगों ने मुआवजे की रकम को प्रॉपर्टी या दूसरी जगह निवेश किया है। कुछ ने अपना कारोबार भी शुरू कर लिया है।
