एक फैसले का बड़ा कमाल… हेल्थ और टर्म पॉलिसी की बढ़ गई बिक्री, कंपनियों की बल्ले-बल्ले

नई दिल्ली: हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम पर जीएसटी खत्म होने के बाद बीमा पॉलिसीज की बिक्री में तेजी के संकेत मिल रहे हैं। खासकर टर्म और हेल्थ इंश्योरेंस जैसे सेगमेंट में 22 सितंबर के बाद काफी तेजी देखने को मिल रही है। हालांकि सितंबर के लिए लाइफ इंश्योरेंस इंडस्ट्री के ग्रोथ के आंकड़े थोड़े कमजोर रहे। इंडस्ट्री के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि सितंबर के पहले पंद्रह दिनों में ग्राहकों ने खरीदारी रोक दी थी लेकिन GST छूट के बाद बिक्री में अचानक उछाल आया है। हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम पर पहले 18% जीएसटी लगता था जिसे अब पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है।

बीमा नियामक द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक इंडिविजुअल रेगुलर प्रीमियम वाली पॉलिसीज में पहले साल के प्रीमियम में 5.7% की गिरावट देखी गई। स्टार हेल्थ इंश्योरेंस के एमडी और सीईओ आनंद रॉय ने कहा कि जीएसटी कट के बाद सभी चैनलों पर पॉलिसी की बिक्री में काफी बढ़ोतरी देखी जा रही है। निवा बुपा हेल्थ इंश्योरेंस के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और चीफ बिजनेस ऑफिसर अंकुर खरबंदा ने बताया कि जब से इंडिविजुअल हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर GST में छूट मिली है, तब से हेल्थ इंश्योरेंस की बिक्री में उछाल आई है। हेल्थ इंश्योरेंस से जुड़े सर्च में भी काफी बढ़ोतरी हुई है। इससे साफ है कि ग्राहकों की दिलचस्पी बढ़ रही है।

जीएसटी में छूट

बंधन लाइफ के एमडी और सीईओ सतीश्वर बी ने कहा कि हाल ही में टर्म इंश्योरेंस पर GST छूट मिलने के बाद टर्म इंश्योरेंस के लिए पूछताछ में तेजी आई है। जीएसटी में छूट लोगों के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो रही है। इससे टर्म इंश्योरेंस और हेल्थ इंश्योरेंस खरीदना अब और भी आसान हो गया है। GST में छूट से प्रीमियम की रकम कम हो गई है। इससे ये पॉलिसीज ज्यादा लोगों की पहुंच में आ गई हैं।

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