टिकट को लेकर भाजपा में विरोध

भोपाल । छतरपुर में बीजेपी प्रत्याशी ललिता यादव के टिकट घोषणा के बाद से संभावित और दौड़ में रहीं प्रत्यासी अर्चना गुड्डू सिंह के समर्थकों द्वारा सडक़ पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। शहर के छत्रसाल/डाकखाने चौराहे पर बड़ी संख्या में कुछ महिलाओं ने हाथ में चूडिय़ां लेकर महाराजा छत्रसाल की प्रतिमा के कई चक्कर लगाए और फिर सडक़ पर फेंक दीं, तत्पश्चात महिलाओं ने सडक़ पर बैठकर जाम लगा दिया।
दरअसल, यह तमाम महिलाएं बीजेपी से घोषित प्रत्याशी ललिता यादव का विरोध और बीजेपी से ही टिकट की दौड़ में रहीं अर्चना गुड्डू सिंह का समर्थन कर रही हैं। सडक़ पर विरोध प्रदर्शन कर रही महिलाओं का कहना है कि बीते रोज बीजेपी ने प्रत्याशियों की जो सूची जारी की है, जिसमें से छतरपुर से पूर्व मंत्री ललिता यादव को टिकट दी है। वह उन्हें नहीं अर्चना को मिलनी चाहिए थी, असली हकदार वे ही हैं। प्रदर्शन में मौजूद कुछ महिलाओं का कहना है बीजेपी ने जिन्हें अभी टिकट दी है उन्होंने (ललिता यादव) कभी जनता के बीच काम नहीं किया है। जबकि अर्चना सिंह हमेशा आम जनता के बीच में लोगों के दुख-सुख में शामिल रही हैं। इसमें बीजेपी आलाकमान को एक बार फिर से छतरपुर टिकट को लेकर विचार करना चाहिए।
विरोध प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने अपने हाथों में तख्तियां एवं बैनर पोस्टर ले रखे थे, जिसमे वी स्पोर्ट अर्चना सिंह हमें चाहिए अर्चना सिंह जैसा विधायक लिखा हुआ था। इस बीच प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने अर्चना सिंह के समर्थन में जानकर नारे भी लगाए। इस प्रदर्शन की खास बात यह रही की प्रदर्शन कर रही महिलाओं के हाथों में चूडिय़ां भी थी। महिलाओं का कहना है कि चूडिय़ां कमजोरी का नहीं, बल्कि नारी शक्ति को प्रदर्शन करती हैं। इसीलिए वह हाथों में चूडिय़ां लिए हुए हैं। प्रदर्शन के दौरान कई महिलाओं ने चूडिय़ां फेंककर भी प्रदर्शन किया।
डाकखाने पर प्रदर्शन कर रही महिलाएं अचानक धरने पर बैठ गईं, जिससे जाम लग गया। इस बीच मौके पर मौजूद पुलिस जाम को खुलवाने और जनता को संभालने में लगी रही। अपने विरोध मामले पर ललिता यादव का कहना है कि पार्टी से दावेदार बहुत होते हैं और सभी को आशा उम्मीद होती है। पर प्रत्याशी का चुनाव हमारी पार्टी और संगठन करता है। उन्होंने कहा, भाजपा में व्यक्ति विशेष नहीं होता पार्टी और संगठन विशेष होता है। विरोध करने वाले सब हमारे अपने हैं। एक-दो दिन में सारे शिकवे गिले दूर हो जाएंगे। फिर चाहे वह अर्चना सिंह हों, गुड्डू सिंह हों, उमेश शुक्ला हों, जिलाध्यक्ष मलखान सिंह हों हम सब मिलकर संगठित होकर जिले की छह विधानसभा से चुनाव लड़ेंगे और जिले की छह की छह विधानसभा जीतकर लाएंगे।

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