दुश्मन के दोस्त से सुधरने लगे हमारे रिश्ते… अजरबैजान ने भारत को फिर शुरू किया कच्चा तेल बेचना

नई दिल्ली: पाकिस्तान के दोस्त अजरबैजान से भारत के रिश्ते अब मधुर होते नजर आ रहा है। दरअसल, अजरबैजान ने भारत को कच्चे तेल का निर्यात फिर से शुरू कर दिया है। यह 10 महीने पहले बंद हो गया था। ऐसा माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच रिश्ते सुधर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, तेल की कीमत को लेकर कुछ समस्या थी, जिसे अब सुलझा लिया गया है।

अजरबैजान के कस्टम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में अजरबैजान ने भारत को 1,747.07 टन कच्चा तेल भेजा। इसकी कीमत 7,81,520 डॉलर थी। ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग, दोनों देशों के बीच आर्थिक रिश्तों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार साल 2024 में भारत, अजरबैजान से पेट्रोलियम और पेट्रोलियम उत्पादों का चौथा सबसे बड़ा खरीदार था। भारत ने लगभग 729 मिलियन डॉलर के 1.17 मिलियन टन सामान खरीदे थे। साल 2022 और 2023 में भारत तीसरा सबसे बड़ा खरीदार था। भारत ने हर साल 2 मिलियन टन से ज्यादा सामान खरीदा था, जिसकी कीमत क्रमशः 1.6 बिलियन डॉलर और 1.2 बिलियन डॉलर थी।

अजरबैजान में भारत का बड़ा निवेश

पेट्रोलियम उत्पादों का बड़ा खरीदार होने के साथ-साथ, भारत अजरबैजान में एक बड़ा निवेशक भी है। बाकू स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, ONGC Videsh Ltd (OVL) ने अजेरी-चिराग-गुनाशली (ACG) तेल और गैस क्षेत्रों और बाकू-त्बिलिसी-सेहान (BTC) तेल पाइपलाइन में हिस्सेदारी खरीदने के लिए 1.2 बिलियन डॉलर से ज्यादा का निवेश किया है।

साल 2024 में OVL ने इक्विनोर से ACG तेल और गैस क्षेत्र में 0.615% अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदने का काम पूरा किया। इसके लिए OVL ने 60 मिलियन डॉलर का निवेश किया। इस समझौते में बीटीसी पाइपलाइन में इक्विनोर के 0.737% शेयर भी शामिल थे। इक्विनोर से खरीदने के बाद ACG तेल और गैस क्षेत्र में OVL की हिस्सेदारी 2.925% और बीटीसी पाइपलाइन में 3.097% हो गई है।

ऑपरेशन सिंदूर में दिया था पाकिस्तान का साथ

इस साल मई में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की थी। इसे ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया गया था। यह कार्रवाई अप्रैल में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले के जवाब में थी। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तुर्की और अजरबैजान ने पाकिस्तान का साथ दिया था। पाकिस्तान और अजरबैजान गहरे दोस्त हैं।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद अजरबैजान ने कई ऐसे बयान दिए थे जो भारत के खिलाफ थे। अजरबैजान के विदेश मंत्रालय ने कहा था, ‘हम उन सैन्य हमलों की निंदा करते हैं, जिसमें पाकिस्तान में कई नागरिकों की जान गई और कई लोग घायल हुए हैं। पाकिस्तान के लोगों के साथ एकजुटता प्रकट करते हुए हम निर्दोष पीड़ितों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हैं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।’

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