पीएम मोदी के पॉडकास्ट पर भड़का पाकिस्तान, ‘विश्वासघात’ का जिक्र पसंद नहीं आया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिकी पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन के साथ पॉडकास्ट को लेकर पाकिस्तान भड़क गया है। 'विश्वासघात' के आरोप से भड़के पड़ोसी देश ने पॉडकास्ट को 'भ्रामक' और 'एकतरफा' बताया है। वहीं, पीएम मोदी के इस इंटरव्यू से चीन खुश है। उसने चीन के प्रति पीएम मोदी के नजरिए की तारीफ की और कहा कि हाथी और ड्रैगन का समन्वय ही दोनों देशों के संबंधों के लिए सही विकल्प है। चीन ने कहा कि दोनों देशों को एक-दूसरे को समझना चाहिए और एक-दूसरे का साथ देना चाहिए। ग्लोबल साउथ की मजबूती और विश्व शांति के लिए यह जरूरी है।

पाकिस्तान की नाराजगी

पिछले रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन को इंटरव्यू दिया था। इसमें उन्होंने पड़ोसी देश चीन और पाकिस्तान पर टिप्पणी की थी। पाकिस्तान को लेकर पीएम मोदी ने कहा था कि पाकिस्तान ने भारत की ओर से शांति के हर प्रयास का जवाब दुश्मनी और विश्वासघात से दिया है। हालांकि, मोदी ने उम्मीद जताई कि पड़ोसी देश के शीर्ष नेता दोनों देशों के संबंधों को सुधारने के लिए सदबुद्धि आएंगे। पीएम की इस टिप्पणी पर पाकिस्तान की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने मोदी के दावों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी टिप्पणियां भ्रामक और एकतरफा हैं।

पाकिस्तान ने कहा कि ये टिप्पणियां जानबूझकर जम्मू-कश्मीर विवाद की अनदेखी करती हैं, जो पिछले 7 दशकों से अनसुलझा है। भारत ने संयुक्त राष्ट्र, पाकिस्तान और कश्मीर के लोगों को भरोसा दिलाया था कि इस विवाद को सुलझा लिया जाएगा, लेकिन अब तक इसका समाधान नहीं हो पाया है। पाक ने आरोप लगाया कि भारत पाकिस्तानी धरती पर समस्याएं पैदा करने में शामिल है।

चीन ने की मोदी की तारीफ

वहीं, मोदी के पॉडकास्ट से चीन खुश है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि हमने चीन-भारत संबंधों पर मोदी की हालिया टिप्पणियों को देखा है और हम इसकी सराहना करते हैं। माओ ने कहा कि चीन दोनों देशों के नेताओं के बीच महत्वपूर्ण सहमति को लागू करने के लिए भारत के साथ काम करने के लिए तैयार है। साथ ही, हम भारत के साथ राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ को एक अवसर के रूप में लेंगे और विभिन्न क्षेत्रों और सभी स्तरों पर आदान-प्रदान और सहयोग को बढ़ावा देंगे।

पीएम मोदी ने क्या कहा 

आपको बता दें कि चीन को लेकर इंटरव्यू में मोदी ने कहा था कि भारत और चीन के बीच संबंध नए नहीं हैं। दोनों देशों की संस्कृतियां और सभ्यताएं प्राचीन हैं और वे सदियों से एक-दूसरे से सीखते आ रहे हैं। मोदी ने कहा कि पूर्वी लद्दाख में दोनों देशों की सेनाओं के बीच तनाव कम करने के लिए राष्ट्रपति शी के साथ उनकी बातचीत के बाद सामान्य स्थिति लौट आई है। मोदी ने कहा कि वह यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि दोनों देशों के बीच मतभेद विवाद में न बदलें।

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