तीर्थ स्थल: एक हजार सालों से बिना नींव खड़ा है शिव का ये रहस्यमयी मंदिर

 सनातन धर्म में सावन के महीने को बेहद ही पुण्यदायी और पवित्र माना जाता हैं ये पूरा महीना शिव साधना आराधना को समर्पित होता हैं माना जाता है इस दौरान भोलेनाथ की पूजा और दर्शन उत्तम फल प्रदान करती हैं और साधक के कष्टों को भी हर लेती हैं।

 

ऐसे में आज हम आपको भारत के एक ऐसे चमत्कारी व रहस्यमयी शिव मंदिर के बारे में बता रहे हैं जो कई वर्षों से बिना नींव के खड़ा हैं, जिसका पता वैज्ञानिक भी नहीं लगा पाएं हैं, तो आइए जानते हैं शिव शंकर के इस रहस्यमयी मंदिर के बारे में।

 

सावन में कर आएं इस मंदिर के दर्शन-
भगवान भोलेनाथ का यह चमत्कारी और रहस्यों से भरा मंदिर तमिलनाडु के तंजौर शहर में स्थित है जो बृहदेश्वर मंदिर के नाम से जाना जाता हैं। इस पवित्र मंदिर को स्थानीय भाषा में पेरुवुटैयार कोविल के नाम से भी जानते हैं। आपको बता दें कि यह मंदिर शिव को समर्पित हैं यह भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिलती हैं। इस तीर्थ स्थल का निर्माण चोल शासन के महान शासक राजराजा प्रथम ने करवाया था। इस मंदिर को करीब साल 1003 से 1010 के बीच बनाया गया था।

 

इस मंदिर को बने कम से कम एक हजार साल से अधिक हो चुका है लेकिन बिना नींव का यह मंदिर अपने स्थान से जहर भी डिगा नहीं हैं। शिव का यह मंदिर पिरामिड के आकार का बना हुआ हैं। सावन के महीने में शिव दर्शन के लिए आप इस मंदिर जा सकते हैं माना जाता हैं कि यहां पर भगवान भोलेनाथ के दर्शन और पूजन करने से भक्तों की हर इच्छा शिव शंकर पूरी कर देते हैं और दुखों व कष्टों का अंत हो जाता हैं। ऐसे में अगर आप सावन के महीने में शिव दर्शन का विचार बना रहे हैं तो यह चमत्कारी और रहस्यों से भरा मंदिर आपके लिए उपयुक्त रहेगा।

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