होम से जीएडी को पहुंचा पुलिस भर्ती बोर्ड प्रपोजल:15 अगस्त को सीएम ने किया था ऐलान

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की घोषणा के करीब चार माह बाद गृह विभाग ने प्रदेश में पुलिस भर्ती बोर्ड के गठन का प्रस्ताव सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) को भेजा है। इसके बाद अब वित्त और विधि विभाग के परीक्षण के बाद इस मामले को कैबिनेट में लाए जाने की कवायद होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 15 अगस्त को पुलिस भर्ती बोर्ड के गठन की घोषणा की थी। पुलिस भर्ती बोर्ड का प्रस्ताव दक्षिण के राज्यों के साथ यूपी और गुजरात के भर्ती बोर्ड की स्टडी के आधार पर तैयार किया गया है।

प्रदेश में पुलिस भर्ती बोर्ड के गठन को लेकर लंबे समय से चल रही कवायद में तब तेजी आने के संकेत मिले थे जब मुख्यमंत्री डॉ यादव ने स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) पर सीएम निवास में हुए कार्यक्रम में पुलिस भर्ती बोर्ड के गठन का ऐलान किया था। इसके पहले यह प्रस्ताव पीएचक्यू में तैयार होकर रोक दिया गया था क्योंकि तब प्रशासनिक तौर पर इसे मंजूरी मिलने के संकेत नहीं मिले थे लेकिन जब सीएम ने घोषणा की तो इसके लिए बंद फाइल को फिर नए सिरे से खोलकर प्रस्ताव तैयार किया गया। बताया जाता है कि इस प्रस्ताव पर 100 दिन के विचार मंथन के बाद गृह विभाग ने अब इसे जीएडी को भेजा है। इसमें भर्ती बोर्ड के संरचनात्मक प्रक्रिया और उसके कार्य दायित्व की जानकारी दी गई है।

गृह विभाग के प्रस्ताव पर जीएडी विधि विभाग और वित्त विभाग से भी सुझाव ले सकता है क्योंकि आमतौर पर यह प्रक्रिया अपनाई जाती है। इसके बाद भर्ती बोर्ड के गठन का प्रस्ताव कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद पुलिस भर्ती बोर्ड के गठन की औपचारिक घोषणा की जाएगी। प्रदेश में वर्ष 2012 में शिवराज सिंह चौहान सरकार के दौरान पुलिस कॉन्स्टेबल और उप निरीक्षक भर्ती की प्रणाली में बदलाव किया गया था। इसके पहले पुलिस मुख्यालय की भर्ती एवं चयन शाखा के अंतर्गत हर जिले में समिति गठित की जाती थी। इसमें सबसे पहले शारीरिक परीक्षा होती थी, जिसमें से लगभग 10 प्रतिशत अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा के लिए चुना जाता था। लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता था। इन तीनों परीक्षाओं के लिए अलग-अलग समितियां गठित की जाती थीं। बाद में सरकार ने लिखित परीक्षा की जिम्मेदारी व्यापम (अब कर्मचारी चयन मंडल) को सौंप दी।

साउथ और गुजरात, यूपी के भर्ती बोर्ड की स्टडी

पीएचक्यू अफसरों के अनुसार पुलिस भर्ती बोर्ड के गठन के मामले में एमपी से आगे दक्षिण भारत के राज्य हैं। दक्षिण भारत के तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश सहित कई राज्यों में बीते कई दशकों से पुलिस भर्ती बोर्ड कार्यरत हैं। उत्तर प्रदेश और गुजरात में भी पहले ही पुलिस भर्ती बोर्ड का गठन किया जा चुका है। इन पुलिस भर्ती बोर्ड के माध्यम से अब तक लाखों पुलिस कर्मियों की भर्ती की जा चुकी है।

श्यामला हिल्स में बन रहा पुलिस भर्ती बोर्ड के लिए भवन निर्माण

मुख्यमंत्री द्वारा पुलिस भर्ती बोर्ड के गठन की घोषणा से एक वर्ष पहले ही पुलिस मुख्यालय ने अपनी ओर से तैयारियां शुरू कर दी थीं। पुलिस भर्ती बोर्ड के लिए श्यामला हिल्स क्षेत्र में मुख्यालय भवन का निर्माण कार्य जारी है। इस भवन का निर्माण पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन द्वारा किया जा रहा है। भवन निर्माण जुलाई 2026 तक पूर्ण होने की संभावना है। भवन निर्माण पर कुल 19.88 करोड़ की लागत आएगी। भवन का कुल निर्मित क्षेत्रफल 6,748 वर्ग मीटर से अधिक होगा।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *