बेंगलुरु में खराब सड़कें और फुटपाथ, कनाडाई शख्स ने उठाए इंफ्रास्ट्रक्चर पर सवाल

नई दिल्ली: बेंगलुरु… देश का सबसे बड़ा आईटी हब। गूगल से लेकर माइक्रोसॉफ्ट, अमेजन, विप्रो आदि बड़ी-बड़ी कंपनियों के ऑफिस वहां हैं। दुनियाभर के लोग इस शहर में जॉब करते हैं। यहां प्रॉपर्टी के दाम आसमान पर हैं। वहीं इस शहर की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने बेंगलुरु के इंफ्रास्ट्रक्चर पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दरअसल, कनाडा के एक शख्स ने बेंगलुरु के इंदिरा नगर इलाके का एक वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया है। इसमें दिखाया है कि वहां की सड़कें और फुटपाथ की स्थिति कितनी खराब है। इंदिरा नगर बेंगलुरु के सबसे महंगे इलाकों में से एक है।

यह ऐसा पहला मामला नहीं है जब बेंगलुरु के खराब इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर सवाल उठे हैं। बेंगलुरु की खराब सड़कों, ट्रैफिक और दूसरी चीजों को लेकर पहले भी लोग परेशान होते रहे हैं और सोशल मीडिया पर इसके बारे में पोस्ट भी करते रहे हैं। हाल ही में महिला उद्यमी किरण मजूमदार शॉ ने भी बेंगलुरु के खराब इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर सवाल उठाए थे। यह बड़ा विवाद बन गया था, जिसमें कर्नाटक सरकार भी कूद गई थी।

अपने बच्चे के साथ बनाया वीडियो

कनाडाई नागरिक कालेब फ्रीसेन (Caleb Friesen) ने बेंगलुरु की बिगड़ती हालत के बारे में एक वीडियो साझा किया है। उन्होंने इंदिरा नगर में अपने छोटे बेटे के साथ चलते हुए एक उबड़-खाबड़ रास्ते का वीडियो बनाया। वीडियो में दिखाया है कि यह रास्ता इतना खराब है कि इस पर चलना सुरक्षित नहीं है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर करते हुए कहा कि हमारे बच्चों को इससे बेहतर मिलना चाहिए।

कैसा है वह रास्ता?

इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए वीडियो में कालेब फ्रीसेन अपने बेटे के साथ टूटे हुए फुटपाथों, खुले गड्ढों और टेढ़ी-मेढ़ी ईंटों पर चलते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में फुटपाथ के कवर गायब हैं। रास्ते में पेड़-पौधे भी आड़े आ रहे हैं, जिससे उन्हें सड़क पर चलने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। फ्रीसेन ने वीडियो के कैप्शन में लिखा, ‘यह आपका सिग्नल है कि आप बुरी खबरें देखना बंद करें और खुद चलकर देखें।’

क्या लिखा है पोस्ट में?

उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा है, ‘गंभीरता से कहूं तो यह इंदिरा नगर में डबल रोड की हालत है, जो बेंगलुरु के सबसे महंगे इलाकों में से एक है। यहां पैदल चलने वाले पैरेंट्स के लिए फुटपाथ पूरी तरह से खराब हो चुके हैं। उन पर गमले, पेड़ और गाड़ियां कब्जा कर चुकी हैं और चलना बहुत मुश्किल है।’

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