दीवारों पर पोस्टर, सड़कों पर भागते लोग, अमेरिका और इजरायल से जंग के बीच कैसी है ईरान में जिंदगी, पढ़ें ग्राउंड रिपोर्ट
तेहरान: अमेरिका और इजरायल से जंग लड़ रहे ईरान की सीमा पार करते ही एक अलग ही माहौल महसूस होता है। काले बैनर, दीवारों पर बड़े-बड़े पोस्टर और बदले की चेतावनी देते चेहरे। लेकिन जैसे-जैसे सड़क तेहरान की ओर बढ़ते हैं, तस्वीर बदलने लगती है। 12 घंटे की इस यात्रा में सबसे ज्यादा जो दिखता है, वह है- आम लोगों की जिंदगी, जो हर हाल में आगे बढ़ रही है।
युद्ध के बीच चलती जिंदगी
तुर्किये से ईरान में दाखिल होने के बाद रास्ते में कहीं-कहीं युद्ध के निशान जरूर दिखाई देते हैं, लेकिन उनके बीच भी जिंदगी अपनी रफ्तार से चलती नजर आती है। शहरों में दुकानें खुली हैं, लोग सड़कों पर हैं, रेस्तरां में खाना परोसा जा रहा है। एक जगह तो स्पीकर पर अंग्रेजी गाना बज रहा था और लोग अपने परिवार के साथ आराम से खाना खा रहे थे- जैसे युद्ध कहीं दूर हो। जंजान शहर में एक धार्मिक परिसर पर हुए हमले ने लोगों के दिलों को जरूर झकझोर दिया है।जंजान की रहने वाली सोमयेह शोजाई कहती हैं कि यह जगह सिर्फ इबादत के लिए नहीं, बल्कि लोगों के मिलने-जुलने और सीखने की जगह भी थी। यह हमारे जीवन का हिस्सा था इसे इस तरह टूटते देखना बहुत दुख देता है। उस परिसर में एक लाइब्रेरी थी, जहां हजारों किताबें थीं, और एक क्लिनिक, जहां गरीबों का मुफ्त इलाज होता था। हमले में यहां काम करने वाले लोग मारे गए।
लोग बाजार जा रहे, बच्चे खेल रहे
डर के बीच एक अजीब से दिखने वाले सामान्य हालात दिख रहे हैं। रास्ते में महिलाएं बिना सिर ढके भी दिखी, जो पहले सख्ती से लागू नियमों में ढील का संकेत है। लोग बाजार जा रहे हैं, बच्चे खेल रहे हैं, और गाड़ियां सामान्य रूप से चल रही हैं।
तेहरान पहुंचे तो बदले दिखे हालात
तेहरान पहुंचते-पहुंचते माहौल थोड़ा बदल जाता है। रात में शहर असामान्य रूप से शात हो जाता है, खासकर हालिया हमलों के बाद। कुछ सरकारी इमारतें और पुलिस स्टेशन खडहर बन चुके है। सुरक्षा चौकिया जरूर बढ़ गई है, लेकिन आम लोगों की दिनचर्या पूरी तरह थमी नही है। एक रिटायर्ड सैनिक महमूद मासूमी कहते है, ‘हम डरते जरूर हैं, लेकिन झुकेगे नही।’ उनके शब्दों में सिर्फ राजनीतिक बयान नही, बल्कि एक आम नागरिक का जज्बा झलकता है।
