चीनी PL-15 मिसाइल को काउंटर करने की तैयारी, अमेरिका F-35 स्टील्थ जेट में लगा रहा Meteor मिसाइल, भारत-पाक युद्ध से सबक!

वॉशिंगटन: भारत और पाकिस्तान के बीच मई महीने में हुए संघर्ष से सबक सीखते हुए अमेरिका ने अपने एफ-35 स्टील्थ फाइटर जेट में यूरोपीय मेटियोर मिसाइल लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। मेटियोर, यूरोप की सबसे एडवांस्ड एयर-टू-एयर मिसाइल है। मई संघर्ष के दौरान चीनी PL-15 मिसाइल, रूसी S-400 और ब्रह्मोस मिसाइलें सुर्खियों में रहीं। लेकिन अब पेंटागन ने चुपचाप F-35A स्टील्थ फाइटर्स पर मेटियोर मिसाइल को इंटीग्रेट करना शुरू कर दिया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, F-35 ज्वाइंट प्रोग्राम ऑफिस (JPO) ने हाल ही में मेटियोर मिसाइल और F-35A के साथ कई जरूरी ग्राउंड-बेस्ड इंटीग्रेशन टेस्ट पूरे किए हैं। F-35 JPO ने एक बयान में इसकी पुष्टि भी की है। F-35A फाइटर जेट्स के साथ मेटियोर AAM को इंटीग्रेट करने की कोशिश MBDA और लॉकहीड मार्टिन के सहयोग से की जा रही है। यूरेशियन टाइम्स के मुताबिक, ग्राउंड-बेस्ड इंटीग्रेशन टेस्ट्स में ग्राउंड वाइब्रेशन टेस्टिंग और फिट चेक्स किए गये हैं। जिसमें 5th जेनरेशन फाइटर एयरक्राफ्ट एफ-35 और मिसाइल के बीच जरूरी हार्डवेयर रिस्पॉन्स को वैलिडेट किया गया, जो एयरबोर्न टेस्ट शुरू होने से पहले एक जरूरी कदम था।

मेटियोर मिसाइल से लैस होगा एफ-35 स्टील्थ फाइटर जेट
रिपोर्ट के मुताबिक, ये टेस्ट कैलिफोर्निया के एडवर्ड्स एयर फोर्स बेस पर किए गए हैं। F-35 JPO ने दो तस्वीरें भी जारी कीं हैं, जिनमें F-35A फाइटर जेट के अंदरूनी वेपन बे में लोड किया गया Meteor मिसाइल दिख रही है। जारी की गई तस्वीरों से पता चला कि टेस्टिंग एक और दो मिसाइल पेलोड, दोनों के साथ की गई थी। अमेरिकी स्टील्थ फाइटर जेट में अगर मेटियोर मिसाइल का इंटीग्रेशन होता है तो ब्रिटेन, इटली समेत उन देशों के लिए भी मेटियोर मिसाइल को स्टील्थ फाइटर में लगाने का रास्ता खुल जाएगा, जो एफ-35 का इस्तेमाल करते हैं।

F-35 JPO के बयान में कहा गया है कि इंजीनियरों ने ट्रायल से जमा किए गए डेटा को ध्यान से जांचा है, ताकि यह पक्का हो सके कि मिसाइल को F-35A के अंदरूनी वेपन बे से सुरक्षित रूप से इंटीग्रेट किया जा सके और डिप्लॉय किया जा सकता है, जिससे एयरक्राफ्ट का स्टेल्थ प्रोफाइल बना रहे। बयान में आगे कहा गया है कि F-35A फाइटर जेट के साथ मेटियोर की फ्लाइट टेस्टिंग शुरू करने की मंजूरी मिलने से पहले एक और ग्राउंड टेस्ट बाकी है। हालांकि, बाकी ग्राउंड टेस्ट के बारे में और कोई जानकारी नहीं दी गई है।

चीनी PL-15 को काउंटर करने की तैयारी
आपको बता दें कि Meteor मिसाइल को लेकर विश्वसनीयता काफी तेजी से बढ़ी है। ब्रिटेन पहले ही F-35B पर Meteor मिसाइस के साथ सफल फ्लाइट टेस्ट कर चुका है। इसके अलावा इटली, F-35A के लिए इंटीग्रेशन स्पॉन्सर कर रहा है। इसी बीच ब्राजील के ग्रिपेन-E फाइटर ने 28 नवंबर को Meteor की पहली लाइव फायरिंग कर इसकी मारक क्षमता का नया प्रमाण दिया, जो मिसाइल की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय मांग को दर्शाता है। Meteor पहले से ही राफेल, यूरोफाइटर टाइफून, ग्रिपेन और अब F-35 प्लेटफॉर्म पर इंटीग्रेट हो रहा है, जिसका इस्तेमाल पहले से ही दुनिया के करीब करीब सभी प्रमुख NATO देश करते हैं।यह मिसाइल 200 किलोमीटर तक की एंगेजमेंट रेंज, रैमजेट इंजन के साथ लैस है, जो दुश्मनों के विमानों के ललिए ‘नो-एस्केप जोन’ और दो-तरफा डेटा-लिंक जैसी खूबियों के कारण दुनिया के सबसे खतरनाक BVR AAMs में गिनी जाती है। F-35 जैसे स्टील्थ प्लेटफॉर्म के साथ इसका इंटीग्रेशन इंडो-पैसिफिक, यूरोप और मध्य-पूर्व में आने वाले दशक की हवाई रणनीतियों को सीधे प्रभावित करेगा।
Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *