कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई:1992 के दंगा पीड़ित की धमकी, समाधान नहीं तो तोड़फोड़ करूंगा

कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में मंगलवार को 135 आवेदन पहुंचे। इनमें घरेलू विवाद, दंगे प्रभावितों का दर्द, नए वाहन के नाम पुराना वाहन देना, सूचना के अधिकार के तहत जानकारी न देना जैसी शिकायतें प्रमुख रहीं।

शिकायत के बाद भी पुलिस नहीं कर रही कार्रवाई देवलोक कॉलोनी बैरागढ़ निवासी पार्वती नायक ने आवेदन में बताया कि उनकी ससुराल राजगढ़ जिले में है। पति भूपेंद्र नायक ने मारपीट कर उन्हें घर से निकाल दिया है। वह किसी बांग्लादेशी महिला के साथ रहा है। उन्होंने इसकी शिकायत नरसिंहगढ़ थाना में भी की है। लेकिन, पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। आवेदन को एसपी राजगढ़ को भेज दिया गया है।

कई साल से कलेक्ट्रेट में दे रहे आवेदन, सुनवाई नहीं

छोला मंदिर निवासी कालूराम ने बताया कि वो 1992 में हुए दंगे में पीड़ित हैं। उनको कलेक्टर से कोई सहायता नहीं मिली है। वो पिछले कई सालों से कलेक्ट्रेट में आवेदन दे रहे हैं। उन्होंने आवेदन देते हुए कहा है कि यदि उनकी समस्या का समाधान 30 नवंबर तक नहीं होता है, तो वो कलेक्ट्रेट में तोड़फोड़ करेंगे।

नया बताकर बेचा 10 साल पुराना चारपहिया वाहन

हुजूर ​के दीनानाथ का कहना है कि एक साल पहले उन्होंने चार पहिया वाहन खरीदा था। फायनेंस कंपनी ने लोन दिलाया था। उनसे सादे कागज पर साइन करा लिए। लोन 6 लाख रुपए का था, जबकि कार की कीमत 3 लाख रुपए थी। दीनानाथ ने बताया कि उनको नया बताकर 10 साल पुराना चारपहिया वाहन बेचा गया है।

नहीं दी जा रही जानकारी 

हुजूर के रहने वाले कुलदीप शर्मा ने बताया कि आदमपुर में एक गौशाला का संचालन शुरू नहीं किया गया। इसकी लागत 3 करोड़ रुपए थी। इसकी जानकारी के लिए उन्होंने सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी थी। इसके संबंध में जनपद पंचायत फंदा द्वारा उनको एक पत्र भेजा गया, जिसमें चाही गई जानकारी देने की बात की गई।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *