रेल मंत्री का बयान, हादसे के बाद प्लेटफॉर्म टिकटों की बिक्री में अप्रत्याशित वृद्धि

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को कहा कि 15 फरवरी को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर 11,099 प्लेटफार्म टिकट बिके। उस दिन स्टेशन पर भगदड़ मची थी जिसमें 18 यात्रियों की मौत हो गई थी, और यह प्रतिदिन औसत बिक्री से केवल 11 प्रतिशत अधिक है।
टीएमसी सांसद ने पूछा सवाल

बुधवार को लोकसभा में एक लिखित जवाब में रेल मेंत्री ने कहा कि मौजूदा प्लेटफार्म की क्षमता इस भार को वहन करने के लिए पर्याप्त है। अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद अधिकारी दीपक ने पिछले छह महीनों के साथ-साथ 15 फरवरी को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से प्लेटफार्म टिकटों की बिक्री का ब्योरा मांगते हुए यह मुद्दा उठाया।

वैष्णव ने कहा, ''व्यक्तियों को प्लेटफॉर्म टिकट जारी करने का उद्देश्य मुख्य रूप से बुजुर्ग, मरीज, महिला यात्री आदि टिकट धारकों को प्लेटफॉर्म क्षेत्र के अंदर ले जाना है।'' उन्होंने कहा, ''प्लेटफॉर्म टिकट जारी होने के समय से केवल दो घंटे के लिए वैध होता है और इन टिकटों को जारी करना प्लेटफॉर्म पर बैठने की जगह की क्षमता के अनुसार सीमित होता है।''

16 लाख लोगों को परोसा जाता है ट्रेन में खाना
उन्होंने कहा कि सितंबर, 2024 से फरवरी, 2025 के दौरान नई दिल्ली स्टेशन से प्रतिदिन बिकने वाले प्लेटफॉर्म टिकटों की औसत संख्या 9,958 थी। लोकसभा में ही उन्होंने बताया कि ट्रेनों में प्रतिदिन 16 लाख भोजन परोसा जाता है। एक लिखित जवाब में उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे के नेटवर्क पर प्रतिदिन औसतन 16 लाख भोजन परोसा जाता है, ताकि सुचारू और निर्बाध सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें।

उधर, वैष्णव ने राज्यसभा में कहा कि रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) को पिछली प्रणाली में कथित अनियमितताओं के कारण विभागीय परीक्षा आयोजित करने के लिए कहा गया था। रेल मंत्रालय ने हाल ही में एक आदेश जारी किया था जिसके माध्यम से उसने सभी विभागीय पदोन्नति परीक्षाओं को रद कर दिया था और आरआरबी को भविष्य में ऐसी सभी परीक्षाएं आयोजित करने के लिए कहा था।

नवरत्न के दर्जे से हितधारकों का विश्वास बढ़ेगा : रेल मंत्री
वैष्णव ने कहा कि आइआरसीटीसी और आइआरएफसी को नवरत्न का दर्जा दिए जाने से बाजार की धारणा, हितधारकों का विश्वास और सबसे महत्वपूर्ण बात, कर्मचारियों का मनोबल और प्रेरणा बढ़ेगी।

कांग्रेस सांसद विजय वसंत ने भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम (आइआरसीटीसी) और भारतीय रेलवे वित्त निगम (आइआरएफसी) को नवरत्न का दर्जा दिए जाने का मुद्दा उठाया और उनके वित्तीय प्रदर्शन के बारे में विस्तृत जानकारी मांगी, जिसके कारण उन्हें नवरत्न का दर्जा दिया गया। उन्होंने अन्य मुद्दों के अलावा यह भी पूछा कि क्या इससे उनके संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है।

रेल मंत्री ने कहा, ''आइआरसीटीसी और आइआरएफसी का परिचालन से राजस्व क्रमश: 17 प्रतिशत और 14 प्रतिशत से अधिक की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर से बढ़ा है, जबकि पिछले पांच वर्षों के दौरान नेटवर्थ, ब्याज, मूल्य और कर से पहले की कमाई और कर के बाद लाभ क्रमश: 20 प्रतिशत और 10 प्रतिशत से अधिक चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर के साथ बढ़ा है।''

अंतरिक्ष कानून के मसौदे की गहन जांच की जा रही : जितेंद्र सिंह
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में एक लिखित जवाब में कहा कि अंतरिक्ष कानून के मसौदे की गहन जांच की जा रही है क्योंकि यह इस क्षेत्र के लिए पहला विधेयक है। ''इस क्षेत्र में पहला विधेयक होने के कारण, सरकार में इसकी गहन जांच की जा रही है और सभी उचित प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद इसे पेश किया जाएगा।''

भारत में अंतरिक्ष गतिविधियों को विनियमित करने और बढ़ावा देने के लिए कानूनी ढांचा स्थापित करने के लिए ''अंतरिक्ष गतिविधि विधेयक'' पर पहली बार 2017 में चर्चा की गई थी – विशेष रूप से इस क्षेत्र में निजी खिलाडि़यों पर केंद्रित।

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