आज पेश होगा रायपुर नगर निगम का बजट:1600 करोड़ के बजट का अनुमान, 11 बजे शुरू होगी सामान्य सभा

रायपुर, रायपुर नगर निगम का वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट आज पेश किया जाएगा। अनुमान है कि इस बार बजट करीब 1600 करोड़ रुपए का हो सकता है। सामान्य सभा की बैठक सुबह 11 बजे नगर निगम मुख्यालय महात्मा गांधी सदन के चौथे तल स्थित सभागार में शुरू होगी, जिसमें महापौर मीनल चौबे वार्षिक बजट पेश करेंगी। साथ ही बजट पर अभिभाषण भी देंगी।

बैठक की शुरुआत पिछली कार्यवाही की पुष्टि से होगी। इसके बाद 1 घंटे का प्रश्नकाल रखा गया है। साथ ही एमआईसी के प्रस्ताव अनुसार तय 17 एजेंडों पर चर्चा होगी, जिसमें विकास कार्य और नामकरण जैसे मुद्दे शामिल हैं।

पिछले साल 1529 करोड़ का था बजट

पिछले वित्तीय साल नगर निगम का बजट 1529.53 करोड़ रुपए था। इसमें 1528.73 करोड़ रुपए खर्च और करीब 79 लाख रुपए अधिशेष का अनुमान रखा गया था।

शहर को महानगर बनाने की थी तैयारी

पिछले बजट में शहर को महानगरीय स्वरूप देने पर जोर रखने की बात कही गई थी। उद्योग भवन, राजेंद्र नगर, सरोना और तेलीबांधा में फ्लाईओवर निर्माण की योजना थी।

18 प्रमुख चौक-चौराहों का पुनर्विकास, CCTV कैमरे और आधुनिक निगरानी सिस्टम लगाए जाने के साथ ही ऑटोमेटेड पार्किंग, सड़कों का डामरीकरण और वृक्षारोपण के लिए 61 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया था।

लोक निर्माण और आधारभूत सुविधाएं

लोक कर्म विभाग के लिए करीब 97 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया । इसमें नालों का निर्माण, सीमेंट रोड, फुटपाथ, चौराहों का विकास और वार्ड कार्यालयों के निर्माण शामिल था।

सफाई और स्वास्थ्य पर जोर

स्वच्छता, स्वास्थ्य और फूड से जुड़े कार्यों के लिए 77.55 करोड़ रुपए का प्रावधान था। इसमें मच्छर नियंत्रण, आवारा कुत्तों की नसबंदी, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और सफाई मित्र योजना शामिल था।

जल और बिजली व्यवस्था

जल कार्य विभाग के लिए करीब 68 करोड़ रुपए और विद्युत एवं यांत्रिकी विभाग के लिए करीब 74 करोड़ रुपए खर्च का अनुमान है। इसमें पेयजल, पंप स्थापना, स्ट्रीट लाइट और सौर ऊर्जा से जुड़े काम शामिल थे।

जोन स्तर पर 189 करोड़ खर्च

जोन कार्यालयों के माध्यम से करीब 189 करोड़ रुपए खर्च किए जाने की तैयारी थी। इसमें सफाई, सड़क निर्माण, नाली सुधार, सामुदायिक भवन और रखरखाव के कार्य शामिल हैं।

आवास और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा फोकस

पूंजीगत व्यय के तहत करीब 789 करोड़ रुपए खर्च का प्रस्ताव था। इसमें प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, नालों के ट्रीटमेंट प्लांट, सड़क चौड़ीकरण और अन्य अधोसंरचना कार्य शामिल था।

बढ़ेगा निगम का राजस्व

नगर निगम विज्ञापन से होने वाली आय बढ़ाने के लिए ऑनलाइन होर्डिंग मैनेजमेंट सिस्टम लागू होना था। नई विज्ञापन नीति में दरों में बढ़ोतरी का भी प्रावधान था।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *