‘रामायण’ से चमकी पान वाले से लेकर पहलवान तक की किस्मत, वो 4 आम लोग जिन्हें रामानंद सागर ने बनाया स्टार

जब भी ‘रामायण’ पर बने सीरियल्स और फिल्मों की बात होती है, तो सबसे पहले जिक्र रामानंद सागर का होता है। उन्होंने 39 साल पहले ऐसा ‘रामायण’ सीरियल बनाया, जो इतिहास में दर्ज हो गया। आज भी जब किसी इस पौराणिक उपन्यास पर कोई फिल्म, सीरीज या सीरियल बनता है, तो रामानंद सागर की ‘रामायण’ से तुलना की जाती है। 39 साल पहले जब रामानंद सागर ने ‘रामायण’ बनाई, तब न VFX था और ना ही टेक्नोलॉजी इतनी उन्नत थी। तब भी उन्होंने जुगाड़ से ऐसे-ऐसे तरीके और ट्रिक अपनाकर ऐतिहासिक और रिकॉर्ड बनाने वाला सीरियल ‘रामायण’ बना दिया। इसमें अरुण गोविल, दीपिका चिखलिया, अरविंद त्रिवेदी और सुनील लहरी जैसे कलाकार थे, जिन्होंने राम-सीता, रावण और लक्ष्मण का मुख्य किरदार निभाया था। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि रामानंद सागर ने ‘रामायण’ में कई अहम किरदारों के लिए ऐसे लोगों को भी साइन किया था, जो नॉन-एक्टर्स थे। यानी उनका एक्टिंग से कोई नाता नहीं था, फिर उन्होंने उन किरदारों को इतनी शिद्दत से निभाया कि हमेशा के लिए अमर हो गए।

वो आम लोग जिन्होंने ‘रामायण’ को बनाया खास

जहां सुग्रीव और बाली के रोल के लिए रामानंद सागर ने किसी पहलवान को कास्ट किया था, तो वहीं त्रिजटा के किरदार के लिए गुजरात के सूरत की रहने वाली एक महिला को कास्ट किया था। यही नहीं, सीरियल में कई बैकग्राउंड सीन्स में रामानंद सागर के घरवाले और रिश्तेदार नजर आए। और तो और, ‘रामायण’ के सेट पर शूट के दौरान कई चमत्कार हुए थे, जिनके बारे में रामानंद सागर के बेटे प्रेम सागर के अलावा कुछ कलाकारों ने भी बताया था। यहां इस आर्टिकल में आपको इन्हीं चमत्कारों और उन आम लोगों के बारे में बता रहे हैं, जिन्होंने ‘रामायण’ को अमर बनाने में अहम किरदार निभाया, पर खुद गुमनामी में हैं।

पान बेचने वाला बना ‘सुषेण वैद्य’

क्या आप जानते हैं कि ‘रामायण’ में लक्ष्मण के संजीवनी बूटी से प्राण बचाने वाले सुषेण वैद्य का किरदार किसने निभाया था? वह कोई एक्टर नहीं थे, बल्कि इंदौर में पान की दुकान चलाते थे। उनका नाम था रमेश चौरसिया। उनकी उज्जैन के देवासगेट बस स्टैंड के पास छोटी सी पान की दुकान थी। पर उन्हें ‘रामायण’ में सुषेण वैद्य का रोल अरविंद त्रिवेदी की बदौलत मिला, जो रावण के किरदार में थे

नाम था रमेश चौरसिया, अरविंद त्रिवेदी ने दिलवाया रोल, हो चुकी मौत

रमेश चौरसिया ने एक इंटरव्यू में बताया था कि अरविंद त्रिवेदी उनके अच्छे दोस्त थे। इसी कारण उन्हें सुषेण वैद्य का रोल मिला। बताया जाता है कि रामानंद सागर ने रमेश चौरसिया के कुछ टेस्ट लिए और रोल के लिए साइन कर लिया। ‘दैनिक जागरण’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रमेश चौरसिया अब इस दुनिया में नहीं हैं, पर उज्जैन में देवासगेट बस स्टैंड के पास उनकी एक नमकीन की दुकान और होटल है। इसका नाम उन्होंने संजीवनी रखा।

सूरत की एक आम महिला बनी थी ‘त्रिजटा’
इसी तरह एक और किरदार था, जिसे एक आम महिला ने निभाया था। यह था राक्षसी त्रिजटा का किरदार, जिसे गुजरात के सूरत की रहने वाली विभूति परेश चंद्र दवे ने निभाया था। एक बार विभूति के पति ने ‘नारद टीवी’ को दिए इंटरव्यू में बताया था कि विभूति अपने गरबा ग्रुप के साथ उमरगांव गई हुई थीं और वहीं पर रामानंद सागर ‘रामायण’ की शूटिंग कर रहे थे। विभूति को ज्योतिष विद्या का खूब ज्ञान था। रामानंद सागर को उनकी यह खूबी पसंद आई और बोलने का सरल अंदाज भी। फिर उन्होंने एक ऑडिशन के बाद विभूति को त्रिजटा के रोल में साइन कर लिया।

‘त्रिजटा’ विभूति परेश की 2006 में हो चुकी मौत

दीपिका चिखलिया ने भी बताया था कि विभूति परेश चंद्र दवे कोई एक्ट्रेस नहीं थीं। वह एक आम साधारण महिला थीं, जो सूरत से उमरगांव शूटिंग के लिए आती थीं। विभूति भी अब इस दुनिया में नहीं हैं। बताया जाता है कि 2006 में हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई।

प्रोडक्शन यूनिट वाले ने निभाए थे 11 किरदार, राम का भी रोल
क्या आप जानते हैं कि रामानंद सागर की एक प्रोडक्शन यूनिट का एक सदस्य भी ‘रामायण’ का अहम हिस्सा रहा? इसने एक-दो नहीं, बल्कि 11 किरदार निभाए थे और लॉकडाउन के दिनों में जब यह राज सामने आया, तो सभी के होश उड़ गए थे। यह भी कोई एक्टर नहीं था, बस प्रोडक्शन यूनिट का सदस्य था। इनका नाम है असलम खान। असलम खान ने ‘रामायण’ में समुद्र देव से लेकर महर्षि वाल्मीकि और देवगुरु बृहस्पति समेत दर्जनभर किरदार निभाए।

अरुण गोविल की जगह राम भी बने, काम नहीं मिला तो छोड़ दी इंडस्ट्री

बल्कि, असलम खान ने कई सीन्स में अरुण गोविल की जगह श्री राम का भी किरदार निभाया था। यह उन्होंने एक बार ‘नवभारतटाइम्स डॉट कॉम’ को दिए इंटरव्यू में बताया था। वह विशाल वानर सेना के सैनिक भी बने थे। असलम खान ने बाद में ‘श्री कृष्णा’ और ‘विक्रम और बेताल’ में भी कई रोल निभाए, पर इसके बाद उन्हें काम नहीं मिला। असलम खान ने बताया था कि वह काम के लिए लोगों के सामने खूब गिड़गिड़ाए, और फिर थक-हारकर इंडस्ट्री छोड़नी पड़ गई।

रामानंद सागर की ‘रामायण’ में सुग्रीव और बाली का किरदार भी किसी एक्टर ने नहीं, पहलवान ने निभाया था। प्रेम सागर ने ‘लहरें रेट्रो’ को दिए इंटरव्यू में बताया था कि उन्हें सुग्रीव और बाली के किरदार की कास्टिंग के लिए खूब मशक्कत करनी पड़ी थी। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्हें इन किरदारों के लिए एक ऐसा एक्टर चाहिए था, जो कद-काठी में हनुमान बने दारा सिंह को मैच कर सके। उन्होंने अखाड़ों तक में खोज की। फिर अचानक एक दिन रात के 2-3 बजे जब एक जंगल में एक सीन का शूट चल रहा था, तो एक विशालकाय शरीर वाला शख्स वहां पहुंचा। उसने सुग्रीव और बाली के किरदार वाला कॉस्ट्यूम पहना था, और कहा कि वह यह किरदार करना चाहता है। वह एक पहलवान था और नाम था श्याम सुंदर कलानी। श्याम सुंदर इंदौर के रहने वाले थे।

डब करवाए गए डायलॉग, इस दुनिया में नहीं श्याम सुंदर

प्रेम सागर ने बताया था कि चूंकि श्याम सुंदर कलानी एक पहलवान थे, तो अखाड़े में वह बहुत ही रफ भाषा बोलते थे। उन्होंने सोचा कि मास्क लगा देते हैं और श्याम सुंदर को उन्हीं के अंदाज में डायलॉग बोलने देते हैं, बाद में डब करवा लेंगे। इस तरह एक पहलवान ‘रामायण’ में सुग्रीव और बाली के किरदार में कास्ट किया गया और बाद में उसके सभी डायलॉग डब किए गए। श्याम सुंदर कलानी भी इस दुनिया में नहीं हैं। साल 2020 में 80 साल की उम्र में उनका निधन हो गया।

‘रामायण’ के सेट पर हुए थे ये चमत्कार

‘रामायण’ के सेट पर कई चमत्कारी घटनाएं भी घटी थीं, जिन्होंने पूरी कास्ट और क्रू को हैरान कर दिया था। एक किस्सा भगवान राम के बचपन के शूट का है, जो प्रेम सागर ने एक इंटरव्यू में बताया था। उन्होंने बताया था कि पापाजी रामानंद सागर कागभुशुण्डि नाम के कौवे के साथ राम के बचपन का सीन और आपसी बातचीत को शूट करना चाहते थे। लेकिन उन्हें कौआ नहीं मिल रहा था। रामानंद सागर चाहते थे कि सीन में कौआ न सिर्फ राम लला के साथ खेले, बल्कि उनका खाना चुराने की कोशिश भी करता दिखे।

कौए ने बच्चे के साथ शूट किया पूरा सीन

तभी अचानक सेट पर एक कौआ उड़कर आया और बैठ गया। रामानंद सागर ने हाथ जोड़कर उससे विनती की। उन्होंने कहा, ‘हे कागभुशुंडि जी। मैं मुसीबत में हूं। मेरी मदद करें। हमें ये एपिसोड अगले हफ्ते भेजना है। इसे लाखों लोग देखेंगे।’ फिर ऐसा चमत्कार हुआ कि जैसा सीन चाहिए था वैसा ही शूट हुआ और वो कौआ पूरा सीन शूट होने तक वहीं रहा।

राम और रावण के युद्ध वाले सीन के वक्त भी गजब का चमत्कार देखने को मिला था। बताया जाता है कि शूट के दौरान वैसे तो मौसम बिल्कुल साफ रहता, लेकिन जब राम-रावण के युद्ध वाले सीन को शूट किया जा रहा था, तो अचानक ही मौसम बदल गया। आंधी चलने लगी और बिजली कड़कने लगी। माहौल ऐसा बन गया जैसे आसमां से भी देवतागण राम-रावण युद्ध देख रहे हों। उस मौसम ने युद्ध वाले सीन में नेचुरल VFX का काम किया था।
Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *