बैंकिंग चार्जेज को लेकर सख्त हुआ आरबीआई, सभी बैंकों में होगा एक ही तरह का फॉर्मेट!

नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) बैंकिंग चार्जेज को लेकर सख्त हो गया है। आरबीआई बैंकों के साथ मिलकर एक ऐसा सिस्टम बनाने पर काम कर रहा है, जिसमें सभी तरह की फीस और सर्विस चार्ज का खुलासा एक ही फॉर्मेट में हो। ET की रिपोर्ट के मुताबिक, इसका मकसद छुपे हुए (Hidden) और दोहरे (Overlapping) चार्जेज को खत्म करना है। साथ ही बैंक अब लोन प्रोसेसिंग फीस का पूरा ब्योरा ग्राहकों को देने की तैयारी कर रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक RBI चाहता है कि ग्राहकों के लिए बैंकिंग सेवाओं के चार्ज बिल्कुल साफ और सीधे हों। गौरतलब है कि सरकार के दखल के बाद, ज्यादातर पब्लिक सेक्टर बैंकों ने इस साल की शुरुआत में ही मिनिमम बैलेंस न पर लगने वाला जुर्माना हटा दिया था। एक बैंक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, अभी इस बात पर चर्चा हो रही है कि क्या सभी बैंकों में सर्विस चार्ज बताने का एक ही स्टैंडर्ड तरीका हो सकता है। इसमें लोन प्रोसेसिंग फीस का पूरा ब्रेक-अप भी शामिल होगा।

आसान होंगे नियम

RBI ने बैंकों से यह भी कहा है कि वे उन सेवाओं की एक लिस्ट तैयार करें जो सभी ब्रांचों में भी एक जैसी मिल सकें। RBI को भेजे गए सवालों का जवाब अभी तक नहीं मिला है। एक दूसरे अधिकारी ने बताया कि बैंक पिछले महीने RBI द्वारा दिए गए सुझावों पर अंदरूनी तौर पर विचार कर रहे हैं। निजी और सरकारी बैंकों के बीच चर्चा के बाद वे अपनी राय देंगे। अधिकारी ने कहा, "यह विचार है कि बैंकों को अकाउंट के प्रकार के आधार पर सर्विस चार्ज तय करने की छूट होनी चाहिए। हम पर्सनल लोन सेगमेंट पर लागू होने वाले शुल्कों की लिस्ट को भी छोटा करेंगे।"हाल में RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने एमपीसी की बैठक के बाद कहा था कि केंद्रीय बैंक ग्राहक सेवा को प्राथमिकता दे रहा है और इसके लिए कई कदम उठाए हैं। पिछले अगस्त में वित्त मंत्रालय ने लोकसभा को बताया था कि ज्यादातर पब्लिक सेक्टर बैंक ने सामान्य बचत खातों के लिए मिनिमम बैलेंस चार्ज हटा दिए हैं। कुछ बैंकों ने अपने बोर्ड से मंजूर नीतियों के अनुसार इन्हें तर्कसंगत बनाया था। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा था, "यह शुल्क उनके व्यावसायिक रणनीति के तहत हटाए या तर्कसंगत बनाए गए हैं। इससे जमा राशि बढ़ने जैसे फायदे हो सकते हैं।"

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *