गलती से इनवैलिडेट हुए आईटीआर की फिर से प्रोसेसिंग, ब्याज के साथ मिलेगा रिफंड

नई दिल्ली: इनकम टैक्स विभाग ने इलेक्ट्रॉनिक तरीके से फाइल किए गए ऐसे इनकम टैक्स रिटर्न की प्रोसेसिंग के लिए समय सीमा बढ़ाने का फैसला किया है, जिन्हें CPC बेंगलुरु ने गलती से इनवैलिडेट कर दिया था। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टेक्स ने सोमवार को जारी एक सर्कुलर में यह जानकारी दी। सर्कुलर में कहा गया कि CBDT के ध्यान में यह बात आई है कि विभिन्न असेसमेंट इयर्स के लिए इलेक्ट्रॉनिक तरीके से फाइल किए गए ITR की प्रोसेसिंग में कई तकनीकी वजहों से इनवैलिडेशन जैसी गड़बड़ियां होने की शिकायतें CPC बेंगलुरु को मिली हैं।

इन रिटर्न्स की प्रोसेसिंग की टाइम लिमिट बीत चुकी है। ऐसी आखिर टाइम लिमिट असेसमेंट ईयर 2024-25 के लिए 31 दिसंबर 2024 थी। सर्कुलर में कहा गया कि बोर्ड ने इस पर विचार करते हुए तय टाइम फ्रेम में छूट देने का निर्णय किया। CBDT ने निर्देश दिया है कि 31 दिसंबर 2024 तक फाइल किए गए ऐसे रिटन्स को अब प्रोसेस किया जाएगा, जिनको CPC ने गलती से इनवैलिडेट कर दिया था।

किसे नहीं मिलेगा रिफंड

CBDT ने कहा कि ऐसे रिटर्न की प्रोसेसिंग के बारे में संबंधित असेसी को 31 मार्च 2026 तक सूचना दी जाएगी। लागू होने वाले ब्याज के साथ रिफंड जारी करने सहित सभी नियम इन मामलों में लागू होंगे। हालांकि जिन मामलों में PAN-आधार लिंकेज नहीं पाया गया है, उनमें कानून के तहत कोई टैक्स रिफंड नहीं किया जाएगा।


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