रेजिना कैसेंड्रा ने बॉलीवुड पर लगाया लांछन, कहा- साउथ से हूं इसलिए बुरा बर्ताव हुआ, नीचा दिखाया गया
साउथ सिनेमा की मशहूर एक्ट्रेस रेजिना कैसेंड्रा ने साल 2019 में फिल्म ‘एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा’ से बॉलीवुड डेब्यू किया था। मूल रूप से तेलुगू और तमिल फिल्मों में काम करने वालीं रेजिना इसके बाद ‘जाट’, ‘केसरी चैप्टर 2’ जैसी फिल्मों, OTT पर ‘राकेट बॉयज’ और ‘फर्जी’ जैसी हिंदी वेब सीरीज में भी नजर आ चुकी हैं। लेकिन चेन्नई में पैदा हुईं 35 साल की रेजिना ने अब कुछ ऐसा कह दिया है, जो बॉलीवुड के फैंस को नागवार गुजरेगा। रेजिना कैसेंड्रा का कहना है कि साउथ इंडियन होने के कारण उन्हें बॉलीवुड में ‘अपमानजनक व्यवहार’ का सामना करना पड़ा। एक्ट्रेस का दावा है कि हिंदी फिल्मों के सेट पर उन्हें ‘नीचा दिखाया गया।’
बीते साल अजित कुमार की फिल्म ‘विदामुयार्ची’ में नजर आ चुकीं रेजिना कैसेंड्रा ने ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘मैं एक साउथ इंडियन एक्ट्रेस थी। ज्यादातर साउथ इंडियंस की तुलना में, मेरी हिंदी बहुत बेहतर है। मैं हिंदी पढ़, लिख और बोल सकती हूं, और मैंने अब तक इस भाषा में जो भी काम किया है, वह मेरी अपनी आवाज में है। यह मेरी अपनी हिंदी है, और मैंने हमेशा यह कोशिश की है कि मैं उस रोल पर खरी उतरूं जो मुझे दिया गया है। लेकिन हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में मुझे घर जैसा महसूस होने में समय लगा।’
रेजिना कैसेंड्रा का दावा- मुझे एक खास तरह से नीचा दिखाया जा रहा था
रेजिना कैसेंड्रा आगे हिंदी फिल्म इंडस्ट्री को लेकर कहती हैं, ‘बहुत से लोगों ने मेरे साथ बुरा बर्ताव किया। सिर्फ बातों से नहीं, बल्कि अपने काम से भी। यह मेरे लिए एक तरह का बुरा नजरिया है। मेरा मतलब है, कोई भी बता सकता था कि मुझे एक खास तरह से नीचा दिखाया जा रहा था। मैंने यह महसूस किया। इसलिए नॉर्थ में मुझे कुछ हिचकिचाहट थी। लेकिन, हमेशा ऐसा नहीं होता, है ना?’
‘मेरे लिए अपनी फिल्में चुनना बहुत मुश्किल है’
जब रेजिना कैसेंड्रा से पूछा गया कि इस तरह के हालात में भी उन्होंने ‘केसरी चैप्टर 2’, ‘रॉकेट बॉयज’, ‘फर्जी’ और ‘जाट‘ जैसे प्रोजेक्ट्स पर काम किए हैं, तो वह बताती हैं, ‘जब मैं लोगों के आस-पास होती हूं, तो मुझे लगता है कि वे मेरा वह पहलू देखते हैं, जिसमें मैं लगातार सीखती हूं। मैं जिस भी इंडस्ट्री में हूं, मैं किसी न किसी तरह उसे घर जैसा महसूस करती हूं। मुझे लगता है कि इस इंडस्ट्री में एक महिला होने के नाते, हमारे लिए स्टीरियोटाइप होना बहुत आसान है। मेरा मतलब है, यह सिर्फ इसलिए है क्योंकि आखिर में यह एक विजुअल मीडियम है, और एक बार जब आप कुछ देखते हैं, तो वह आपके दिमाग में बैठ जाता है। लेकिन मैं हमेशा वर्सेटाइल बनना चाहती थी। इसलिए, मेरे लिए अपनी फिल्में चुनना बहुत मुश्किल है, क्योंकि मैं हमेशा मेनस्ट्रीम कमर्शियल फिल्में नहीं करना चाहती।’
महज 16 साल की उम्र से एक्टिंग कर रही हैं रेजिना कैसेंड्रा
रेजिना बताती हैं कि जब उन्होंने फिल्मों में एक्टिंग शुरू की, तब वह महज 16 साल की थीं, लेकिन अब जब वह 35 साल की हैं। वह कहती हैं, ‘यह सुनने में बहुत वोक लग सकता है, लेकिन इस खास इंडस्ट्री में रहना और जिस तरह का काम मैं कर रही हूं, उसे करते हुए यह कहना कि ठीक है, चार दिन फ्लो के साथ चलते हैं और फिर पांचवें दिन इस पर सवाल नहीं उठाते, यह सच में इतना आसान नहीं है। मुझे लगता है कि मैं बहुत चिल इंसान हूं। लेकिन कभी-कभी आपके सबकॉन्शियस मन में, आप चीजों को पकड़कर रखते हैं। और, मेरे लिए ये वो सीख है जिन पर मैं इतने साल से भरोसा करती हूं। मुझे लगता है कि बचपन में, मैं इसे आसानी से कर पाती थी। कहीं न कहीं, मैं सीखी हुई चीजों को भूल रही हूं और सीख रही हूं, और यह प्रोसेस जारी है।’
कौन हैं रेजिना कैसेंड्रा
रेजिना कैसेंड्रा एक एक्ट्रेस हैं, जो मुख्य रूप से तेलुगू और तमिल फिल्मों में काम करती हैं। वह एक SIIMA अवार्ड और एक CineMAA अवार्ड के साथ-साथ एक फिल्मफेयर OTT अवार्ड नॉमिनेशन पा चुकी हैं। चेन्नई में 13 दिसंबर 1990 को पैदा हुईं रेजिना ने तमिल फिल्म ‘कांडा नाल मुधल’ (2005) में सपोर्टिंग एक्टर के तौर पर एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी। उनकी पहली तेलुगू फिल्म ‘शिवा मनसुलो श्रुति’ (2012) थी। इसके लिए उन्हें बेस्ट फीमेल डेब्यू का SIIMA अवॉर्ड मिला। वह ‘रूटीन लव स्टोरी’ (2010), ‘केडी बिल्ला किलाडी रंगा’ (2013), ‘पावर’ (2014) और ‘पिल्ला नुव्वु लेनी जीवितम’ (2014) जैसी फिल्मों से चर्चा बटोर चुकी हैं।
रेजिना कैसेंड्रा का परिवार, पढ़ाई
रेजिना कैसेंड्रा की पैदाइश तमिल है, लेकिन उनके पिता की जड़े गोवा से एंग्लो-इंडियन हैं। उनकी मां अयंगर हैं। वह नौ साल की थीं जब उन्होंने बच्चों के चैलन ‘स्प्लैश’ के लिए एंकरिंग शुरू की। महिला क्रिश्चियन कॉलेज, चेन्नई से मनोविज्ञान में बीएससी पूरी की करने के बाद रेजिना ने मद्रास यूनिवर्सिटी से साइकोलॉजी में मास्टर्स की डिग्री ली है।
