पृथ्‍वी याद हैं? एक शर्त ने तबाह किया ‘द‍िल का क्‍या कसूर’ के हीरो का करियर, अब पहचानना भी मुश्‍क‍िल

लाइट्स, कैमरा और एक्‍शन की दुनिया सामने से जितनी चमकदार दिखती है, पर्दे के पीछे इसकी ऐसी कई स्‍याह सच्‍चाई है, जो हर साल हजारों-लाखों न्‍यूकमर आर्टिस्‍ट की कमर तोड़ देती है। फिल्‍मों में काम मिल जाए, इसके लिए कलाकार दिन-रात चप्‍पल घ‍िसते हैं। लेकिन यह भी जरूरी नहीं है कि जब एक बार काम मिल जाए, तो आप सिल्‍वर स्‍क्रीन पर हमेशा चमकते ही रहेंगे। आज हम एक ऐसे ही खूबसूरत एक्‍टर की बात करने जा रहे हैं, ज‍िन्‍हें उनकी पहली ही फिल्‍म ने स्‍टार बना दिया। नब्‍बे के दशक में चॉकलेटी चेहरे के मालिक इस होनहार एक्‍टर से हर किसी को बहुत उम्‍मीदें थीं। खुद इन्‍हें लॉन्‍च करने वाले प्रोड्यूसर मानते थे कि ये आगे चलकर हिंदी सिनेमा पर राज करेगा। लेकिन एक कॉन्‍ट्रैक्‍ट ने उनकी जिंदगी बर्बाद कर दी। बल्‍क‍ि ‘दीवाना’ और ‘डर’ जैसी फिल्‍में, जिनसे शाहरुख खान का सितारा चमका, वह पहले इन्‍हीं को ऑफर हुई थी। हम बात कर रहे हैं एक्‍टर पृथ्‍वी की, जिन्‍होंने दिव्‍या भारती के अपोजिट फिल्‍म ‘दिल का क्‍या कसूर’ से डेब्‍यू किया था।

पृथ्वी के बारे में आज की जनरेशन को शायद ही बहुत जानकारी हो, लेकिन उनकी डेब्‍यू फिल्‍म के सुपरहिट गाने आज भी मिलेनियल्‍स की पहली पसंद हैं। फिर चाहे वह ‘दिल का क्‍या कसूर’ का टाइटल ट्रैक हो, या फिर ‘दिल जिगर नजर क्‍या है’ या ‘गा रहा हूं इस महफिल में’ और ‘मिलने की तुम कोश‍िश करना’।

24 की उम्र में डेब्‍यू, अब 58 साल के हैं पृथ्‍वी उर्फ अली वज़ीर

पृथ्वी ने जब 1992 में डेब्‍यू किया था, तब वह 24 साल के थे। आज वह 58 साल के हैं, लेकिन सिनेमा की दुनिया से दूर हैं। सोशल मीडिया पर थोड़े-बहुत एक्‍ट‍िव हैं। 24 मार्च 1968 को दिल्ली में पैदा हुए पृथ्‍वी का असली नाम अली वज़ीर है। वह इंस्‍टाग्राम और फेसबुक पर आपको पृथ्‍वी वज़ीर के नाम से मिल जाएंगे।

एक कॉन्‍ट्रैक्‍ट, जो उभरते करियर के लिए बन गया काल

जब 1992 में दिव्‍या भारती के साथ पृथ्‍वी की ‘दिल का क्‍या कसूर’ आई थी, तब इस म्‍यूजिकल रोमांटिक ड्रामा फिल्‍म ने बॉक्‍स ऑफिस पर धूम मचा दी थी। मुकेश दुग्‍गल ने इस फिल्‍म को प्रोड्यूस किया था और डायरेक्‍टर थे लॉरेंस डिसूजा। फिल्‍म में दोनों की जोड़ी को बहुत पसंद किया गया। पृथ्‍वी रातों-रात स्‍टार बन गए और उनके पास बड़े-बड़े फिल्‍ममेकर्स के ऑफर्स आने लगे। लेकिन अफसोस कि वह मुकेश दुग्‍गल के साथ ऐसे कॉन्‍ट्रैक्‍ट में बंधे थे, जिसने उनकी सफलता की राह को रोका ही नहीं, बल्‍क‍ि खत्‍म कर दिया। इस कॉन्‍ट्रैक्‍ट में एक शर्त थी कि वह कुछ साल तक किसी भी दूसरे बैनर की फिल्‍म नहीं करेंगे।

पांच साल पहले पृथ्‍वी ने दिया था इंटरव्‍यू

साल 2021 में ‘झक्कास बॉलीवुड’ नाम के एक यूट्यूब चैनल को पृथ्‍वी ने एक इंटरव्‍यू दिया था। इसमें उन्‍होंने बताया कि ‘डर’ और ‘दीवाना’ जैसी फिल्में पहले उन्हें ही ऑफर हुई थीं। लेकिन वो कॉन्ट्रैक्ट में बंधे होने के कारण काम नहीं कर सके। जबकी इन्हीं फिल्मों ने शाहरुख खान को फिल्म इंडस्ट्री में ठोस शुरुआत दिलाई।

पृथ्‍वी के पिता के दोस्‍त थे मुकेश दुग्‍गल

ऐसा भी नहीं था कि ‘दिल का क्या कसूर’ फिल्म के प्रोड्यूसर मुकेश दुग्गल का पृथ्‍वी से कोई बैर था। बल्‍क‍ि वह बस उन्‍हें भविष्‍य का सुपरस्‍टार मानते थे और यही चाहते थे कि वह शुरुआती सारी फिल्‍में उनके साथ करें। असल में मुकेश दुग्‍गल और पृथ्‍वी के पिता दोस्त हुआ करते थे। उन्होंने ही अली वज़ीर को फिल्मों में लॉन्च किया था। उन्‍हें नया नाम पृथ्‍वी दिया। मुकेश दुग्गल अपने इस हीरो के लुक्स से बड़े प्रभावित थे। वह मानते थे कि अगर ये लड़का एक्टिंग सही से कर पाया, तो बड़ा स्टार बन सकता है।

‘मैं गायब नहीं हुआ था, बस वो फिल्‍में मेरे नसीब में नहीं थीं’

पृथ्वी ने अपने इंटरव्‍यू में कहा था, ‘मैं एक ऐसे कॉन्ट्रैक्ट में फंस गया था, जिससे निकलना बहुत मुश्किल हो गया था। जो मेरा पीक टाइम था, मैं उसमें बंधकर रहा। सबको लगा मैं इंडस्‍ट्री से गायब हो गया। लेकिन मैं गायब नहीं हुआ था। मैं आप लोगों के दिलों में, मेरे चाहनेवालों के दिलों में हमेशा जिंदा था। बस मेरे नसीब में वो सारी फिल्में होकर भी नहीं रहीं।’

‘मैंने अमिताभ बच्‍चन, राजेश खन्‍ना जैसा स्‍टारडम देखा’

वह आगे कहते हैं, ‘मुझे बस इस बात की खुशी है कि कम वक्त के लिए ही सही, लेकिन मैंने अमिताभ बच्चन और राजेश खन्ना की तरह ही स्टारडम का स्वाद चखा। वो दौर तो एक ऐसा दौर था कि लगता था जैसे मैं कोई सपना देख रहा हूं। मैं जिस गाड़ी से जाता था, लड़कियां उसके आगे लेट जाती थीं। कहती थीं कि जब तक आप हमें ऑटोग्राफ नहीं देंगे, साथ में फोटो नहीं खिंचवाएंगे हम जाने नहीं देंगे। मैं भी शॉक था कि ऐसी भी फॉलोइंग होती है।’

सुपरहिट डेब्‍यू के बाद बैक-टू-बैक फ्लॉप हुईं फिल्‍में

खैर, ऐसा नहीं है कि पृथ्‍वी ने बाद में फिल्‍में नहीं कीं। सुपरहिट डेब्‍यू के बाद उसी साल उनकी ‘दिलवाले कभी ना हारे’, और फिर ‘मेरी आन’, ‘पांडव’ जैसी फिल्‍में आईं, पर फ्लॉप रहीं। फिर वह सपोर्टिंग रोल में ‘दरार’, ‘आज का अंधा कानून’, ‘खंजर’, ‘इक्‍के पर इक्‍का’ और ‘प्‍लेटफॉर्म’ जैसी फिल्‍मों में भी नजर आए।

‘गुलाम’, ‘हमराज’ और साउथ की फिल्‍में भी कीं

बाद के दिनों में पृथ्‍वी को आमिर खान की ‘गुलाम’, बॉबी देओल-अक्षय खन्‍ना की ‘हमराज’ और सनी देओल की ‘मां तुझे सलाम’ में भी देखा गया। वह साउथ की कई फिल्‍मों ‘देवुलु’, ‘सुब्रमण्‍यम फॉर सेल’, जैसी कई फिल्‍मों में सपोर्टिंग एक्टर के रूप में दिखे। लेकिन यह गाड़ी लंबी दूरी तय नहीं कर पाई।

एयर होस्‍टेस अन्ना ढ‍िल्‍लन से शादी

पृथ्‍वी की निजी जिंदगी की बात करें तो उन्‍होंने अन्ना ढिल्लन नामक एक एयर होस्टेस से शादी की थी। साल 1991 में ‘स्‍टारडस्‍ट’ मैगजीन में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक बार एक्टर महेश आनंद और कुछ और गुंडे अन्ना ढिल्लन के अपार्टमेंट में जबरदस्ती घुस गए थे। हालांकि, इस घटना के बारे में और ज्यादा जानकारी नहीं आई।

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