संसाधनों का वितरण आवश्यकता वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान के साथ समान रुप से हो: पीएम मोदी

नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी ने आज नई दिल्ली के भारत मंडपम में आकांक्षी जिलो के लिए सप्ताह भर चलने वाले एक विशिष्ट कार्यक्रम “संकल्प सप्ताह” का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर  पर आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम पोर्टल का शुभारंभ भी किया और प्रदर्शनी का उदघाटन भी किया। प्रधानमंत्री ने तीन ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों से भी बातचीत की।
उत्तरप्रदेश के बरेली में बाहेरी से अध्यापिका रंजना अग्रवाल से बात करते हुए पीएम मोदी ने उनके ब्लॉक मे आयोजित चितंन शिविर के दौरान सबसे प्रभावशाली विचार के संबंध में जानकारी प्राप्त की। रंजना अग्रवाल ने ब्लॉक में सर्वांगीण विकास कार्यक्रम का उल्लेख किया और सभी हितधारकों के सरकारी योजनाओं को जन आंदोलन में बदलने के लिए एक मंच पर आने के महत्व पर प्रकाश डाला। प्रधानमंत्री ने स्कूलों में शिक्षा परिणामों में सुधार लाने के लिए बदलावों को लागू करने के संबंध में जानकारी ली। अग्रवाल ने परंपरागत शिक्षण प्रणाली के स्थान पर गतिविधियों पर आधारित शिक्षण को अपनाने का उल्लेख किया और बाल सभा,संगीत की कक्षाओं,खेलों और शारीरिक प्रशिक्षण आदि आयोजित करने का उदाहरण दिया। उन्होंने स्मार्ट क्लॉसरुम और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए प्रौद्योगिकी के प्रयोग का उल्लेख भी किया। उन्होंने अपने जिले के सभी 2,500 विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरुम की उपलब्धता के संबंध में भी सूचित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत की एक प्रमुख जरुरत बच्चों को दी जाने वाली शिक्षा की गुणवत्ता होगी। उन्होंने कहा कि वो शिक्षकों की निष्ठा और सहभागिता से अभिभूत हैं। यह समर्पण से सिद्धि” का मार्ग है।
जम्मू कश्मीर में पूंछ के मनकोट से सहायक पशु शल्य चिकित्सक डॉ. साजिद अहमद ने प्रवासी जनजातीय पशुओं के समक्ष आने वाली समस्याओं के संबंध में बारे में बताया और प्रवास के दौरान होने वाली समस्याओं और नुकसान को कम करने के उपायों पर जानकारी दी। उन्होने प्रधानमंत्री को अपने व्यक्तिगत अनुभवों को भी साझा किया । प्रधानमंत्री ने विद्यालयी शिक्षा और जमीनी अनुभव में अंतर के संबंध में जानकारी ली। डॉ. साजिद ने क्लॉसरुम में उपेक्षित की गई मजबूत स्थानीय नस्लों के बारे में बताया। प्रधानमंत्री को खुरपका रोग(फुट एंड माउथ) के लिए टीकाकरण कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी गई थी और उन्हें क्षेत्र में बड़े स्तर पर टीकाकरण संबंधी जानकारी दी गई। प्रधानमंत्री ने क्षेत्र के गुर्जरों के साथ अपनी निकटता का वर्णन किया,जो उन्हें हमेशा कच्छ के निवासियों की याद दिलाते हैं।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *