रिकी पोंटिंग होंगे महान, पर सर जडेजा भी कम नहीं, 168 टेस्ट में बने रिकॉर्ड की 83 मैचों में कर डाली बराबरी

नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग टेस्ट इतिहास के सबसे बेहतरीन बल्लेबाजों में गिने जाते हैं। एक समय वह टेस्ट में शतक लगाने के मामले में सचिन तेंदुलकर को टक्कर दे रहे थे। 2012 में रिकी पोंटिंग ने अपना आखिरी टेस्ट खेला। 168 मैचों के टेस्ट करियर में पोंकिंग ने 13378 रन बनाए। इसमें 41 शतक और 62 अर्धशतक शामिल हैं। दूसरी तरफ भारत के रविंद्र जडेजा ऑलराउंडर हैं। अपना 83वां टेस्ट खेल रहे रविंद्र जडेजा ने छक्कों के मामले में पोंटिंग की बराबरी कर ली है।

जडेजा के छक्के पोंटिंग के बराबर

रिकी पोंटिंग ने 168 टेस्ट की 287 पारियों में बैटिंग की। इस दौरान उनके बल्ले से 73 छक्के निकले। दूसरी तरफ रविंद्र जडेजा ने अभी तक 83 टेस्ट की 123 पारियों में बैटिंग की है। उन्होंने भी 73 छक्के जड़ दिए हैं। इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट की पहली पारी में उन्होंने एक छक्का लगाया। इसकी मदद से रिकी पोंटिंग के बराबर पहुंच गए।भारतीय बल्लेबाज में जडेजा से ज्यादा छक्के सहवाग, रोहित, पंत और धोनी के नाम ही हैं।

छक्के में रविंद्र जडेजा ने रिकी पोंटिंग की बराबरी कर ली है लेकिन बैटिंग के अधिकतर रिकॉर्ड में पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान आगे हैं। पोंटिंग ने 1509 चौके मारे हैं जबकि जडेजा के बल्ले से 357 चौके ही निकले हैं। टेस्ट में जडेजा का बल्लेबाजी औसत पोंटिंग से करीब 15 कम है। स्ट्राइक रेट के मामले में भी पोंटिंग ही आगे हैं।

सिक्के का दूसरा पहलू भी

टेस्ट क्रिकेट में रविंद्र जडेजा ने रिकी पोंटिंग के छक्के की बराबरी कर ली है। लेकिन सिक्के का एक और पहलू है। टेस्ट क्रिकेट काफी तेजी से बदल रहा है। अभी ज्यादा छक्के लगते हैं।इसके बाद भी आज के समय टॉप ऑर्डर के बल्लेबाज गेंद को हवा में खेलने से बचते हैं। वहीं लोअर ऑर्डर के पास छूट रहती है।। यही वजह है कि सचिन तेंदुलकर, एबी डिविलियर्स, कपिल देव, सनथ जयसूर्या और यहां तक की डेविड वॉर्नर जैसे धाकड़ बल्लेबाजों के नाम रविंद्र जडेजा से टेस्ट में कम छक्के हैं।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *