आवारा कुत्तों पर SC ने सरकारों से फिर मांगा जवाब:कहा- सभी मुख्य सचिव सो रहे हैं, आकर बताएं, हलफनामा क्यों नहीं दिया

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को आवारा कुत्तों से जुड़े केस में सुनवाई करते हुए सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को व्यक्तिगत रूप से पेश होने से छूट देने की याचिका खारिज कर दी।

जस्टिस नाथ ने कहा, "जब हम मुख्य सचिवों से हलफनामा दाखिल करने के लिए कहते हैं, तो वे इस पर चुप्पी साधे रहते हैं। हमारे आदेश का कोई सम्मान नहीं है। तो ठीक है, उन्हें आने दीजिए। हम उनसे निपट लेंगे।"

कोर्ट ने मुख्य सचिवों को 3 नवंबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है। इससे पहले 27 अक्टूबर को कोर्ट ने पश्चिम बंगाल और तेलंगाना को छोड़ सभी राज्यों के मुख्य सचिवों से जवाब मांगा था।

सुप्रीम कोर्ट आवारा कुत्तों के काटने से होने वाले रेबीज के बारे में एक मीडिया रिपोर्ट पर एक्शन लेते 28 जुलाई से मामले की सुनवाई कर रहा है।

22 अगस्त- कोर्ट ने बढ़ाकर पूरे देश में कर दिया था

22 अगस्त को हुई पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों से जुड़े केस का दायरा दिल्ली-एनसीआर से बढ़ाकर पूरे देश में कर दिया था और सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इसमें पार्टी बनाने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने कहा था,

"जिन कुत्तों को पकड़ा जाता है, उनकी नसबंदी और टीकाकरण कर जहां से उठाया है, वहीं वापस छोड़ दिया जाए। हालांकि, रेबीज से संक्रमित और आक्रामक व्यवहार वाले कुत्तों को शेल्टर होम में ही रखा जाए।"

कोर्ट ने 11 अगस्त के 2 जजों की बेंच के उस आदेश को बेहद सख्त बताया था, जिसमें सभी आवारा कुत्तों को 8 हफ्तों में दिल्ली-NCR के रहवासी इलाकों से हटाकर हमेशा के लिए शेल्टर होम में भेजने कहा था।

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