कांग्रेस को झटका… दतिया विधायक धोखाधड़ी में दोषी करार, MLA मुकेश मल्होत्रा की विधायकी पहले से खतरे में

भोपाल। मध्य प्रदेश में कांग्रेस को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। दतिया जिले के दतिया विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को दिल्ली की एमपी-एमएलए कोर्ट ने बैंक से धोखाधड़ी के एक मामले में बुधवार को दोषी करार दिया है। सजा गुरुवार, दो अप्रैल को सुनाई जाएगी। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा आठ दोषसिद्धि पर दो वर्ष से अधिक की सजा अयोग्यता निर्धारित करती है, यानी विधानसभा की सदस्यता चली जाएगी। इसी बीच दतिया से विधायक राजेंद्र भारती को 25 साल पुराने मामले में दोषी करार दिया गया।

विजयापुर और बीना विधायकों का मामला भी अधर में

230 सदस्यीय मध्य प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस के 65 विधायक हैं। इनमें श्योपुर जिले के विजयपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक मुकेश मल्होत्रा के निर्वाचन को हाई कोर्ट ने शपथ पत्र में आपराधिक प्रकरण का ब्योरा नहीं देने के कारण शून्य घोषित किया है। मल्होत्रा ने आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जिस पर उन्हें सशर्त स्थगन मिला है। उन्हें न तो वेतन-भत्ता मिलेगा और न ही वे वोट कर पाएंगे। सागर जिले के बीना विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्मला सप्रे को लेकर दलबदल का मामला चल रहा है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सप्रे के भाजपा में शामिल होने और पार्टी की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के आधार पर याचिका लगाई है। विधायक ने हाई कोर्ट जबलपुर में अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि वे अभी भी कांग्रेस की सदस्य हैं। अब 20 अप्रैल को फिर सुनवाई होगी।

यह है अयोग्यता का प्रावधान, जा सकती है विधानसभा सदस्यता

विधानसभा के पूर्व मुख्य सचिव एपी सिंह का कहना है कि दो वर्ष या उससे अधिक सजा की सूरत में अयोग्यता का प्रावधान लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम में है। यदि यह उस परिधि में आती है और स्थगन नहीं होता है तो फिर न्यायालय के आदेश पर कार्यवाही होगी। चुनाव आयोग और विधानसभा सचिवालय को आदेश की प्रति दी जाएगी। इसके आधार पर विधानसभा सचिवालय स्थान रिक्त घोषित करने की प्रक्रिया करके चुनाव आयोग को अवगत कराएगा, जो अधिकतम छह माह की अवधि में उपचुनाव कराएगा।

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