शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती ने कहा राम को सनातनियों का अवतार मानकर प्राण प्रतिष्ठा की जानी चाहिए

 रायपुर ।‌  गोवर्धन मठ के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में आ गए हैं। स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने राम मंदिर और अयोध्या में आयोजित प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर पीएम मोदी और सीएम योगी पर नाराजगी जाहिर की है। स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने राम मंदिर पर कहा कि मूर्ति का शास्त्र विधि विधान से प्रतिष्ठा होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि विधि विधान से कार्यक्रम होने से मूर्ति में भगवान का प्रवेश हो सकता है। अन्यथा मूर्ति में भूत-पिशाच का प्रवेश हो जाता है।‌ शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा कि शास्त्र विधि से प्रतिष्ठा ना होने से यह हलचल मचा देगा।‌ जगन्नाथ पुरी मठ के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा कि भगवान राम पूजनीय है, और राम जी को सेकुलर मानकर प्रतिष्ठा नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यह कोई अंबेडकर की मूर्ति की प्रतिष्ठा नहीं हो रही है।‌ राम को सनातनियों का अवतार मानकर प्राण प्रतिष्ठा की जानी चाहिए।‌ साथ उन्होंने पीएम मोदी और सीएम योगी पर हमला करते हुए कहा कि मोदी और योगी मूर्ती के साथ खिलवाड़‌ ना करें। शंकराचार्य ने सवाल करते हुए कहा कि क्या प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का यही दायित्व है। क्या यह हमें चुनौती देने के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री बने हैं? शंकराचार्य ने कहा कि मेरे साथ 33 करोड़ देवी- देवता हैं, मै अकेला नहीं हूं।‌

नहीं जाऊंगा अयोध्या- शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती

बतादें कि बीते‌ दिनों शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती ने 22 जनवरी को होने वाली अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर कहा था कि वह कार्यक्रम में नहीं जाएंगे।‌ जिसके बाद उन्होंने नहीं जाने की वजह बताते हुए यह कहा था कि मोदी मूर्ती को स्पर्श करेंगे तो क्या मै तालियां बजा कर जयकारा लगाऊंगा।‌ मेरे पद की अलग मर्यादा है, और मैं उस मर्यादा को ध्यान रखते हुए अयोध्या प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में नहीं जाऊंगा।

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