अमेरिका के यूटा में छत से चली गोली, अकेला शूटर… क्या स्नाइपर ने की चार्ली किर्क की हत्या? ट्रंप पर भी इसी तरह हुआ था हमला

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगी और मेक अमेरिका ग्रेट अगेन (MAGA) अभियान के धुर समर्थक चार्ली किर्क को यूटा में कॉलेज कैंपस में गोली मार दी गई, जिसमें उनकी मौत हो गई। राष्ट्रपति ट्रंप ने मौत के बारे में जानकारी देते हुए चार्ली किर्क को महान बताया और कहा कि उनके जैसे अमेरिका के युवाओं के दिल को कोई नहीं समझता था। यूटा राज्य के गवर्नर ने इसे राजनीतिक हत्या कहा है। उन्होंने बताया कि चार्ली किर्क को छत से निशाना बनाया गया था। किर्क को उस समय गोली मारी गई जब वह यूटा वैली यूनिवर्सिटी में एक कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे थे।

31 वर्षीय किर्क अमेरिकन कमबैक टूर पर थे, जिसमें वह कैंपस में युवाओं से संवाद करने वाले थे। यूटा वैली यूनिवर्सिटी उनका पहला स्टाप था, जहां उनकी हत्या कर दी गई। चार्ली एक सफेद टेंट के नीचे बोल रहे थे, जब गोली सीधे आकर उनकी गर्दन पर गिरी। घटना का वीडियो सामने आया है, जिसमें वह गोली लगने के बाद कुर्सी से गिरते दिखाई दे रहे हैं। किर्क की हत्या ने पूरे अमेरिकी राजनीतिक जगत को झकझोर दिया है। रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स दोनों ने राजनीतिक हिंसा को समाप्त करने का आह्वान किया है।


किर्क के आखिरी शब्द

घटना के वीडियो में दिखाई दे रहा है कि वह टेंट के नीचे कुर्सी पर बैठकर हाथ में माइक पकड़कर युवाओं से सवाल जवाब कर रहे हैं। कार्यक्रम में शामिल एक युवा पूछता है कि क्या आपको पता है कि पिछले 10 साल में कितने ट्रांसजेंडर अमेरिकन मास शूटिंग में शामिल रहे हैं। किर्क जवाब देते हैं- बहुत सारे। वह फिर से सवाल करता है- क्या आपको पता है कि पिछले 10 सालों में अमेरिका में सामूहिक गोलीबारी के कितने मामले हुए हैं? किर्क ने सवाल किया कि गैंग हिंसा की गिनती कर रहे हैं या नहीं? इसके कुछ सेकंड बाद गोली चलती है।

ट्रंप के ऊपर भी इसी तरह हुआ था हमला

चार्ली किर्क को उसी तरह गोली मारी गई जैसे बीते साल चुनाव अभियान के दौरान डोनाल्ड ट्रंप को पेंसिल्वेनिया में निशाना बनाया गया था। अधिकारियों ने बताया कि हमलावर ने छत से गोली चलाई, जब किर्क कैंपस में बोल रहे थे। यूनिवर्सिटी के प्रवक्ता ने न्यूयार्क टाइम्स से कहा कि गोली लोसी सेंटर नामक बिल्डिंग से आई थी, जो लगभग 100 गज की दूरी पर है। सोशल मीडिया पर पोस्ट वीडियो में किर्क बोलते दिखाई दे रहे हैं। एक गोली चलती है और किर्क अपना दाहिना हाथ उठाने की कोशिश करते हैं। उनकी बाईं गर्दन से खून का फव्वारा फूट पड़ता है और वे गिर जाते हैं।

हमलावर ने अकेले दिया घटना को अंजाम

जुलाई 2024 में ट्रंप को पेंसिल्वेनिया में एक रैली के दौरान इसी तरह निशाना बनाने की कोशिश हुई थी। ट्रंप भाषण दे रहे थे, जब पास की बिल्डिंग की छत से हमलावर ने गोली चलाई थी। ट्रंप खुशकिस्मत थे और गोली उनके कान को छूते हुए निकल गई थी। उस दौरान चेहरे पर खून लगी ट्रंप की तस्वीर सामने आई थी। बाद में सुरक्षा एजेंसियों ने हमलावर को मार दिया था। चार्ली किर्क के हमलावर के बारे में अधिकारियों का मानना है कि उसने अकेले ही यह काम किया है। खास बात है कि ट्रंप के हमलावर के बारे में भी यही कहा गया था।

कौन थे चार्ली किर्क जो बने ट्रंप के खास?

चार्ली किर्क अमेरिका के कंजर्वेटिव एक्टिविस्ट और मीडिया पर्सनालिटी थे, जिन्होंने ट्रंप के इनर सर्किल में तेजी से अपनी पहचान बनाई थी। किर्क ने 18 साल की उम्र में टर्निंग पॉइंट USA नाम का संगठन बनाया था। समूह ने कॉलेज और यूनिवर्सिटी में तेजी से लोकप्रियता हासिल की और यह देश के सबसे बड़े कंजर्वेटिव आंदोलन के रूप में विकसित हुआ। वह ट्रंप के प्रभावशाली लोगों के एक नेटवर्क का केंद्रीय व्यक्ति बन गए थे, जिसे अक्सर मेक अमेरिका ग्रेट अगेन आंदोलन का चेहरा कहा जाता है। ट्रंप अक्सर किर्क को 2024 के राष्ट्रपति अभियान के दौरान कई युवा और अश्वेत वोटर को अपने पक्ष में लाने का क्रेडिट देते थे।

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