भोपाल में जलसा-ए-शहादत में अमेरिका-इजराइल मुर्दाबाद के नारे
भोपाल, भोपाल के नरेला विधानसभा क्षेत्र की बिस्मिल्लाह कॉलोनी स्थित मस्जिद गरीब नवाज में ईरान के सुप्रीम लीडर रहबर-ए-मोअज्जम आयतुल्लाह सैयद अली खामनेई की याद में जलसा-ए-शहादत कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पोस्टर जमीन पर रखकर पैरों से कुचल दिए। सभा के दौरान इजराइल मुर्दाबाद और अमेरिका मुर्दाबाद के नारे भी लगाए गए। बता दें कि ऐशबाग स्थित गरीब नवाज मस्जिद में यह कार्यक्रम शुक्रवार देर रात आयोजित किया गया था।
मौलाना रजी-उल-हसन हैदरी ने कहा, “आज दुनिया में जालिम ताकतें मजलूमों का खून बहा रही हैं। चाहे इजराइल हो या अमेरिका, उनके हाथ मजलूमों और मासूमों के खून से रंगे हुए हैं। अल्लाह उन्हें गैरत दे।”
भाषण के दौरान उन्होंने ट्रंप पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। इस दौरान सभा में मौजूद लोगों ने नारेबाजी करते हुए इजराइल और अमेरिका मुर्दाबाद के नारे लगाए।
“भूखे रहेंगे लेकिन तालीम जरूर हासिल करेंगे”
मौलाना हैदरी ने कहा, “कुछ लोग कहते हैं कि हम भूखे रहेंगे लेकिन तालीम जरूर हासिल करेंगे। इसी तालीम की वजह से आज दुनिया की सियासत और टेक्नोलॉजी में उनका असर दिखाई देता है।”
उन्होंने कहा कि मुसलमानों को भी तालीम के मैदान में आगे बढ़ना होगा, क्योंकि किसी भी कौम की तरक्की का रास्ता शिक्षा से होकर गुजरता है। उन्होंने कहा, “1979 में जब ईरान में इंकलाब कामयाब हुआ तो वहां इल्म और तालीम पर जोर दिया गया।
आज उसी तालीम की वजह से बड़े-बड़े सुपर पावर भी उससे खौफजदा नजर आते हैं।” उन्होंने नौजवानों से तालीम हासिल करने और समाज को मजबूत बनाने की अपील की।
“मुसलमानों को टारगेट किए जाने की वजह हमारी बेइत्तहादी”
सैयद अजहर हुसैन रिजवी ने कहा, “आज दुनिया में जिस मुल्क में भी मुसलमान हैं, उन्हें टारगेट किया जा रहा है। इसकी एक वजह यह है कि हम मुतहिद नहीं हैं। अकीदे मुख्तलिफ हो सकते हैं, लेकिन इस्लाम सबका एक ही है।”
उन्होंने कहा, “कोई नमाज हाथ बांधकर पढ़ता है, कोई हाथ खोलकर पढ़ता है और कोई अलग तरीके से पढ़ता है, लेकिन कुरान सबका एक है और रसूल भी सबके एक हैं। हमें आपस में लड़ने के बजाय एकजुट होना चाहिए।”
“जालिम के मुकाबले में खड़े होने वाले के साथ अल्लाह होता है”
रिजवी ने कहा, “सैयद अली खामनेई वो मर्द-ए-मुजाहिद थे जो बड़ी-बड़ी सुपर पावर ताकतों के सामने खड़े रहे। उन्हें मालूम था कि जालिम के मुकाबले में जो खड़ा होता है, उसके साथ अल्लाह होता है। दुनिया किसी को कत्ल तो कर सकती है, लेकिन उसके मकसद को खत्म नहीं कर सकती।”
“खामनेई ने उम्मत को एकता का पैगाम दिया”
एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली खान ने कहा, “यह पूरे आलम के लिए गहरे गम और सदमे की बात है कि एक ऐसा काइद हमसे रुखसत हो गया, जिसने पूरी उम्मत को इत्तेहाद और इत्तेफाक का पैगाम दिया।”
उन्होंने कहा, “सैयद अली खामनेई ऐसी शख्सियत थे जिन्होंने हमेशा जालिम ताकतों के खिलाफ आवाज उठाई और मजलूमों का साथ दिया। उनकी जिंदगी और उनका पैगाम आने वाली नस्लों के लिए भी मिसाल रहेगा।”
कार्यक्रम के अंत में लोगों ने आयतुल्लाह सैयद अली खामनेई को खिराज-ए-अकीदत पेश की।
