अवैध कॉलोनियों पर सख्ती, वैधीकरण की प्रक्रिया धीमी, मुख्यमंत्री ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

इंदौर: अवैध कॉलोनियों को वैध करने की प्रक्रिया अब धीमी पड़ गई है, क्योंकि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अब अवैध कॉलोनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और उन्हें वैध नहीं किया जाएगा। इसी क्रम में सरकार ने वैध और अवैध कॉलोनियों की सूची जारी की है, ताकि आम जनता को धोखाधड़ी से बचाया जा सके। सरकार के मुताबिक पूरे प्रदेश में 8 हजार से ज्यादा अवैध कॉलोनियों की पहचान की गई है, जिनमें से 600 के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इंदौर नगर निगम की बात करें तो पिछले दो सालों में 135 कॉलोनियों को वैध किया गया है, जबकि कॉलोनाइजरों के खिलाफ 200 से ज्यादा एफआईआर दर्ज की गई हैं। जिला प्रशासन ने भी अलग से कार्रवाई की है। इसके तहत कलेक्टर आशीष सिंह ने ग्रामीण क्षेत्रों में बन रही अवैध कॉलोनियों की जांच शुरू कर दी है। अब तक करीब 100 कॉलोनियों की सूची तैयार की गई है, जिन पर कार्रवाई के आदेश अपर कलेक्टर गौरव बैनल ने जारी किए हैं। इनमें से 46 कॉलोनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

नगर निगम की रिपोर्ट

शासन के निर्देश पर इंदौर नगर निगम के कॉलोनी सेल द्वारा 636 अवैध कॉलोनियों की सूची तैयार की गई थी। लेकिन इनमें से करीब 350 कॉलोनियों को किसी भी हालत में वैध नहीं किया जा सकता, क्योंकि ये ग्रीन बेल्ट, नजूल, प्राधिकरण और हाउसिंग बोर्ड की जमीन पर बसी हैं। नगर निगम ने वैध की जा सकने वाली कॉलोनियों को नियमित करने की प्रक्रिया पूरी कर ली और अब तक 135 कॉलोनियों को वैध किया जा चुका है। इस प्रक्रिया के तहत नगर निगम ने करीब 200 एफआईआर भी दर्ज की हैं, क्योंकि नियमानुसार जब कोई कॉलोनी वैध होती है तो उसके कॉलोनाइजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज होना अनिवार्य होता है।

वैध और अवैध कॉलोनियों की संख्या लगभग बराबर

इंदौर नगर निगम ने अब तक 950 कॉलोनियों को वैध घोषित किया है। वहीं, अवैध कॉलोनियों की संख्या भी करीब 335 बताई जा रही है। नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्रालय ने प्रदेश भर में 8,000 अवैध कॉलोनियों को चिन्हित कर उनकी सूची ऑनलाइन जारी की है। अवैध कॉलोनियों पर प्रशासन का सख्त रुख: हाल ही में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अवैध कॉलोनियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई की समीक्षा की। उन्होंने इंदौर समेत प्रदेश के अन्य निकायों को इस मामले में सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने आदेश दिए कि अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान वहां सूचना बोर्ड लगाए जाएं, ताकि आम नागरिकों को पता चले कि कॉलोनी अवैध है और वे ठगी से बच सकें।

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