बातों-बातों में गौतम गंभीर पर सुनील गावस्कर ने साधा निशाना! कहा- खिलाड़ियों का आना-जाना टीम से लगा रहता है
नई दिल्ली: भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने टेस्ट क्रिकेट में गेंदबाजी के बजाय बल्लेबाजी को भारत की सबसे बड़ी चिंता बताते हुए सोमवार को कहा कि टीम को अब बदलाव के दौर की सोच से बाहर आना होगा। भारत ने अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच के तीसरे दिन पारी और 300 रन से बड़ी जीत दर्ज की। इस मैच में डेब्यू करने वाले बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार ने पहली पारी में 6 विकेट समेत मैच में कुल 7 विकेट लिए।
गावस्कर ने दिया बड़ा बयान
गावस्कर ने कहा कि हर टीम में समय-समय पर खिलाड़ियों का आना-जाना और बदलाव होता है लेकिन प्रदर्शन के स्तर को बनाए रखने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘अब समय आ गया है कि टीम को बदलाव के दौर में बताने के बजाय टेस्ट क्रिकेट के मानकों पर परखा जाए। हर टीम में संन्यास, नए खिलाड़ियों का आना और बदलाव होते रहते हैं लेकिन ध्यान प्रदर्शन पर होना चाहिए।’
टी20 की सोच को टेस्ट क्रिकेट में मत लाओ
गावस्कर ने कहा, ‘भारत के हाल के टेस्ट नतीजों को देखें तो गेंदबाजों ने अपना काम काफी हद तक किया है लेकिन बल्लेबाजों को खासकर मुश्किल परिस्थितियों में अधिक अनुशासन और बेहतर तकनीक दिखाने की जरूरत है।’ उन्होंने यह भी कहा कि टी20 क्रिकेट की सोच को टेस्ट क्रिकेट में नहीं आने देना चाहिए।
मानव सुथार को दी सलाह
गावस्कर ने कहा, ‘कई बार कुछ डॉट गेंदों के बाद खिलाड़ी टी20 की मानसिकता में आ जाते हैं और जल्दबाजी में गलत फैसले कर बैठते हैं। टेस्ट क्रिकेट में अलग तरह के धैर्य और सोच की जरूरत होती है।’ गावस्कर ने युवा स्पिनर मानव सुथार की जमकर तारीफ की लेकिन साथ ही सावधानी बरतने की सलाह भी दी।
उन्होंने कहा, ‘सात विकेट के साथ टेस्ट करियर की शुरुआत करना बेहद प्रभावशाली है, लेकिन किसी खिलाड़ी का मूल्यांकन सिर्फ एक मैच के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘यह एक शानदार और उत्साहजनक शुरुआत है लेकिन इसे मंजिल नहीं बल्कि लंबे सफर की शुरुआत के रूप में देखा जाना चाहिए।’
