पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी पर बरसे तेजस्वी, कहा- नीतीश कुमार के साथ धोखा हुआ
पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा सांसद बनने को लेकर जबर्दस्त सियासी बयानबाजी हो रही है। तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार के इस्तीफे और राजनीतिक घटनाक्रम पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इसे जनता के साथ धोखा बताते हुए कहा कि भाजपा के दबाव में नीतीश को इस्तीफा देने पर मजबूर किया गया और अब अगला मुख्यमंत्री महज एक ‘रबड़ स्टैम्प’ होगा। तेजस्वी ने निशांत (नीतीश कुमार के बेटे) के राजनीति में आने का समर्थन करते हुए कहा कि जदयू के भीतर ही कुछ लोग भाजपा से मिलकर पार्टी को खत्म करना चाहते हैं। उन्होंने दावा किया कि वे पहले ही मुख्यमंत्री बदलने की भविष्यवाणी कर चुके थे और वर्तमान हालातों को देखते हुए उनकी सहानुभूति नीतीश कुमार के साथ है।
नीतीश से तेजस्वी को सहानुभूति
RJD नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर कहा, ‘सब जानते हैं कि बिहार के चुनाव में NDA ने ये नारा दिया था कि ‘2025 से 30 फिर से नीतीश’। भाजपा और NDA के घटक दल जानते हैं कि किस प्रकार से तंत्र-मंत्र और पूरा सिस्टम लगाकर चुनाव हुआ। उस समय में भी हमने कहा था कि भाजपा के लोगों ने नीतीश कुमार को ‘हाईजैक’ कर लिया है और उन्हें दोबारा कुर्सी पर बैठने नहीं देंगे।’
बीजेपी पर बरसे तेजस्वी यादव
तेजस्वी ने आगे कहा, ‘हमने कहा था कि वे 6 महीने से ज्यादा कुर्सी पर नहीं रहेंगे। भाजपा जिसके साथ भी रही है उसे बर्बाद करने का काम किया है। भाजपा OBC, दलित और आदिवासी विरोधी पार्टी है। वे (भाजपा) नहीं चाहते हैं कि बिहार में ऐसा नेता रहे जो OBC या दलित की बात करता हो, वे तो कोई ‘रबड़ स्टांप मुख्यमंत्री’ चाहते हैं।’
सेवा के लिए नीतीश को धन्यवाद कहा
बिहार की सत्ता परिवर्तन में तेजस्वी ने कहा, ‘ये जो सत्ता परिवर्तन हो रहा है, ये जन भावनाओं के खिलाफ है। लोग भाजपा के चाल-चरित्र को जानते हैं। हमने नीतीश कुमार के साथ भी काम किया है लेकिन ज्यादातर हम विपक्ष में गए थे। 28 जनवरी 2024 में जब वे (JDU) हमारा साथ छोड़कर गए थे, तब भी हमने कहा था कि भाजपा जो है वो उन्हें समाप्त करेगी। हमारी पूरी सहानुभूति है उनके प्रति, उन्होंने बिहार की जो सेवा की, उसके लिए हम उन्हें धन्यवाद भी देना चाहते हैं।’ दरअसल, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा सांसद बनने जा रहे हैं। अचानक हुए इस फैसले से बिहार का फिजां पूरी तरह सियासी हो गया है। हालांकि, तेजस्वी ने निशांत कुमार के सियासी एंट्री का स्वागत किया।
