मुख्य सचिव बोले, कोई यह न समझे कुछ छुपा हुआ है, क्या कर रहे हो मुझे सब पता है, कलेक्टर भागीरथपुरा की सही रिपोर्ट दें

भोपाल। इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों की घटना का असर मुख्य सचिव अनुराग जैन द्वारा बुधवार को की गई कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में भी दिखाई दिया। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि इस तरह की घटना दोबारा नहीं होनी चाहिए। जिलों में अधिकारियों के बीच समन्वय ठीक नहीं है।सुशासन केवल निर्देशों में नहीं व्यावहारिकता में होना चाहिए। कुछ जिलों में सीएम हेल्पलाइन की कई शिकायतों पर ध्यान ही नहीं दिया गया। नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे प्रकरण सौ-सौ दिन से लंबित हैं।

क्या कर रहे हो, मुझे सब पता है

उन्होंने कलेक्टरों को चेताते हुए कहा कि कोई यह न समझें कि कुछ छुपा हुआ है। क्या कर रहे हो, मुझे सब पता है। जिलों की शिकायतें मेरे और मुख्यमंत्री के पास तक पहुंच रही हैं। समय रहते सुधर जाएं। मुख्यमंत्री ने कॉन्फ्रेंस में विभिन्न प्राथमिकता वाली योजनाओं के साथ कानून-व्यवस्था को लेकर दिशा-निर्देश दिए थे।

85 बिंदुओं पर पालन प्रतिवेदन तैयार

85 बिंदुओं पर पालन प्रतिवेदन तैयार किया गया। मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में विभिन्न योजनाओं पर जिलों के प्रदर्शन पर असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि कलेक्टर जिलों में सरकार के प्रतिनिधि हैं। जिला पंचायत और नगरीय निकायों के अधिकारियों के बीच समन्वय होना चाहिए। कई जगह अभी यह दिखाई नहीं देता है।

सीएम हेल्पलाइन पर आई शिकायतों को गंभीरता से लें

मुख्य सचिव ने इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के मामले में सख्ती से कहा कि ऐसी घटना की पुनरावृत्ति पूरे प्रदेश में कहीं नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा सीएम हेल्पलाइन पर आई शिकायतों को गंभीरता से लें। नगरीय विकास विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन के कार्यों को पूरे करने के निर्देश दिए।
Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *