बेंगलुरु के ट्रैफिक से परेशान हुए इस कंपनी के को-फाउंडर, ठीक करने के लिए दिया 1 करोड़ रुपये का ऑफर, लेकिन…

नई दिल्ली: बेंगलुरु का ट्रैफिक काफी लोगों के लिए अब परेशानी बनने लगा है। लंबा जाम और रेंगते वाहन के कारण लोगों को थोड़ी सी दूरी तय करने के लिए कई-कई घंटे बिताने पड़ रहे हैं। ऐसा ही कुछ हुआ EaseMyTrip के को-फाउंडर प्रशांत पिट्टी के साथ। वह भी ट्रैफिक में कई घंटे फंसे रहे। उन्होंने शहर के ट्रैफिक को सुधारने के लिए एक करोड़ देने का ऑफर दे दिया।

प्रशांत पिट्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बेंगलुरु के ट्रैफिक में फंसने का अपना अनुभव शेयर किया। उन्होंने बताया कि दो घंटे से ज्यादा समय तक ट्रैफिक में फंसे रहे। इससे उन्हें काफी परेशानी हुई। उन्होंने ट्रैफिक को ठीक करने के लिए 1 करोड़ रुपये देने का वादा किया है। वह शहर के ट्रैफिक को सुधारने के लिए AI इंजीनियरों और इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश करना चाहते हैं। इसके लिए उन्हें शहर के अधिकारियों से डेटा की मदद चाहिए।

क्या लिखा है पोस्ट में?

पिट्टी ने एक्स पर एक पोस्ट में अपनी परेशानी बताई। उन्होंने कहा कि शनिवार की रात आउटर रिंग रोड (ORR) पर सिर्फ 11 किलोमीटर की दूरी तय करने में उन्हें दो घंटे से ज्यादा लग गए। एक चौराहे पर वे 100 मिनट तक फंसे रहे, जहां न तो कोई सिग्नल था और न ही कोई ट्रैफिक पुलिस।

पिट्टी ने लिखा, ‘मैं बेंगलुरु ट्रैफिक पर और मीम या शिकायत नहीं चाहता। मैं इसे ठीक करना चाहता हूं।’ उन्होंने गूगल मैप्स के नए टूल ‘रोड मैनेजमेंट इनसाइट’ का जिक्र किया। यह टूल शहर के ट्रैफिक का डेटा देता है। पिट्टी ने कहा कि वे सैटेलाइट से ली गई तस्वीरों और एआई का इस्तेमाल करके शहर में ट्रैफिक जाम की वजहों और उनके समय का पता लगाना चाहते हैं।

पिट्टी ने कहा कि वे एक या दो सीनियर ML/AI इंजीनियरों को सैलरी देने के लिए तैयार हैं। साथ ही गूगल मैप्स API कॉल्स, सैटेलाइट इमेज एक्सेस और डेटा को प्रोसेस करने के लिए जरूरी GPU इंफ्रास्ट्रक्चर का खर्च भी उठाएंगे। लेकिन, यह प्रोजेक्ट तभी सफल हो सकता है जब बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस (BTP) या BBMP अपना ट्रैफिक डेटा या API खोलें और एक टीम को इस डेटा पर काम करने के लिए नियुक्त करें। API डेटा शेयर करने का एक तरीका है।

यूजर्स से जताई साथ काम करने की इच्छा

प्रशांत पिट्टी की इस पोस्ट को काफी यूजर्स का समर्थन मिला। काफी लोग प्रशांत के साथ मिलकर बेंगलुरु के ट्रैफिक को सही करना चाहते हैं। एक यूजर ने लिखा, ‘हमने इस पर पहले से ही कुछ काम किया है। आपसे जुड़कर खुशी होगी।’

वहीं एक अन्य यूजर ने कहा, ‘मैं काम करने के लिए इच्छुक हूं। मैं लंबे समय से इसके बारे में सोच रहा था लेकिन कभी कोई पहल नहीं की। आपको यह योजना बनाते हुए देखकर खुशी हुई। मुझे AI/ML टीम का हिस्सा बनना अच्छा लगेगा।’


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