कलेक्टर ने विकास कार्यों, जल संरक्षण और जनसुविधाओं की व्यवस्थाओं का लिया जायजा

एमसीबी। कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने विगत दिवस चिरमिरी एवं खड़गवां क्षेत्र के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों, संस्थानों एवं ग्राम पंचायतों का व्यापक दौरा कर विकास कार्यों, आधारभूत सुविधाओं तथा जनसुविधाओं की व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं जनहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

दौरे की शुरुआत कलेक्टर द्वारा चिरमिरी स्थित मंगल भवन के निरीक्षण से हुई। यहां उन्होंने भवन में आयोजित होने वाले सामाजिक, सांस्कृतिक एवं सार्वजनिक आयोजनों की जानकारी लेते हुए उपलब्ध व्यवस्थाओं की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान साउंड सिस्टम की स्थिति पर विशेष ध्यान देते हुए उन्होंने उसे शीघ्र दुरुस्त कराने के निर्देश दिए, ताकि आगामी आयोजनों में नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। इसके पश्चात कलेक्टर महोदया ने लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम, चिरमिरी का निरीक्षण किया। उन्होंने स्टेडियम परिसर की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए हेलीपैड क्षेत्र में आवश्यक बांस-बल्ली की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रस्तावित राम कथा आयोजन की तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक प्रबंधों की जानकारी लेकर संबंधित अधिकारियों को आयोजन के सफल एवं सुरक्षित संचालन हेतु सभी व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के क्रम में कलेक्टर ने एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, पोड़ीडीह के ऑडिटोरियम का भी अवलोकन किया। उन्होंने विद्यालय परिसर में उपलब्ध खाली भूमि का उपयोग जल संरक्षण एवं भू-जल संवर्धन के लिए करने पर बल देते हुए तालाब निर्माण, जल रिचार्ज संरचनाएं एवं वर्षा जल संरक्षण संबंधी कार्यवाही प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जल संरक्षण भविष्य की आवश्यकताओं और सतत विकास का महत्वपूर्ण आधार है। इसके बाद कलेक्टर महोदया ग्राम पंचायत बोड़ेमुड़ा, ग्राम पंचायत पेंड्री एवं ग्राम पंचायत बरदर पहुंचीं, जहां उन्होंने महतारी सदनों का निरीक्षण कर ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित विकास योजनाओं, आधारभूत सुविधाओं एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने जिला पंचायत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण को अभियान के रूप में लिया जाए तथा कुएं, डबरी, तालाब एवं अन्य जल संरचनाओं के निर्माण को प्राथमिकता देकर जल संकट के स्थायी समाधान की दिशा में कार्य किया जाए।

कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता केवल निर्माण कार्य करना नहीं, बल्कि गुणवत्ता, उपयोगिता एवं दीर्घकालिक जनहित सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि विकास कार्यों में समयबद्धता, पारदर्शिता एवं गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में संतुलित एवं सतत विकास सुनिश्चित हो सके।

इस दौरान पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह, जिला पंचायत सीईओ अंकिता सोम, अपर कलेक्टर अनिल सिदार, एसडीएम लिंगराज सिदार, सीएसपी दीपिका मिंज, नगर निगम आयुक्त राम प्रसाद आंचला सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासनिक टीम की उपस्थिति में विभिन्न स्थानों पर विकास एवं जन सुविधा संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

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