भारत की जिस दिन ब्रिटेन से डील, उसी दिन पाकिस्‍तान का ‘प्रमोशन’, अचानक किसने गिरा दिया मुंह में लड्डू?

नई दिल्‍ली: पाकिस्तान को क्रेडिट रेटिंग एजेंसी S&P ग्लोबल रेटिंग्स से बड़ी ‘खुशखबरी’ मिली है। जिस दिन भारत ने ब्रिटेन के साथ एक ऐतिहासिक व्यापार समझौता किया है, उसी दिन पाकिस्‍तान के मुंह में लड्डू ग‍िरा है। S&P ग्लोबल रेटिंग्स ने गुरुवार को पाकिस्तान की सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग को ‘CCC+’ से बढ़ाकर ‘B-‘ कर दिया। पाकिस्‍तान का आउटलुक ‘स्थिर’ रखा गया है। यह ‘प्रमोशन’ मुख्य रूप से अंतरराष्‍ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) से मिले बेलआउट पैकेज के बाद पाकिस्तान की वित्तीय स्थिति और विदेशी मुद्रा भंडार में सुधार के कारण हुआ है।

S&P ग्लोबल रेटिंग्स ने पाकिस्तान की क्रेडिट रेटिंग ‘CCC+’ से बढ़ाकर ‘B-‘ कर दी है। यह बेहतरी आईएमएफ से मिले बेलआउट पैकेज के बाद हुई है। इससे पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति और विदेशी मुद्रा भंडार में सुधार आया है। हालांकि, रेटिंग एजेंसी ने भारत के साथ बढ़ते सीमा विवाद को लेकर चेतावनी भी दी है। उसका कहना है कि इससे पाकिस्तान की क्रेडिट रेटिंग पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

आर्थ‍िक मदद से दबाव हुआ कम

रेटिंग एजेंसी ने कहा कि पाकिस्तान को मिली आर्थिक मदद और भुगतान संतुलन में सुधार से विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ा है। इससे बाहरी दबाव कम हुआ है। हालांकि, कर्ज चुकाने की लागत अभी भी बहुत ज्यादा है। लेकिन, सरकार के राजस्व बढ़ाने और महंगाई कम करने के प्रयासों से आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।एजेंसी के अनुसार, अगले 12 महीनों में पाकिस्तान को अपने कर्ज चुकाने के लिए बाहरी मदद मिलती रहेगी। साथ ही, उसकी वित्तीय स्थिति भी मजबूत होगी। अगर पाकिस्तान की बाहरी या वित्तीय स्थिति बिगड़ती है तो रेटिंग घटाई जा सकती है। इसके उलट अगर राजनीतिक और संस्थागत माहौल सुधरता है, जिससे आर्थिक सुधारों को बढ़ावा मिले, विकास हो और वित्तीय स्थिति मजबूत हो तो रेटिंग का बढ़ना भी मुमकिन है।

S&P के मुताबिक, पाकिस्तान में राजनीतिक अस्थिरता बनी रहेगी। पाकिस्तान की रेटिंग घरेलू और बाहरी सुरक्षा जोखिमों से प्रभावित है। वैसे तो 2010 की शुरुआत से देश की सुरक्षा स्थिति में सुधार हुआ है। लेकिन, इसमें गिरावट की आशंका बनी हुई है।

भारत के साथ सीमा पर तनाव को लेकर चेतावनी

एजेंसी ने भारत के साथ सीमा पर तनाव को लेकर चेतावनी दी है। मई 2025 में पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था। S&P ने कहा कि इससे गलत अनुमान और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ सकती है। इससे स्थिति और बिगड़ने के आसार हैं। ऐसा होने पर पाकिस्तान की क्रेडिट प्रोफाइल पर बुरा असर पड़ेगा।

आईएमएफ ने पाकिस्तान को 8.4 अरब डॉलर का पैकेज दिया है। यह पैकेज एक्‍सटेंडेड फंड फैसिलिटी (ईएफएफ) और रेजिलिएंस एंड सस्‍टेनेबिलिटी फैसिलिटी के तहत दिया गया है। यह 37 महीनों तक चलेगा।

S&P ग्लोबल ने मई में ही चेतावनी दी थी कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने से दोनों देशों की क्रेडिट रेटिंग पर असर पड़ सकता है। पहलगाम हमले में 26 नागरिकों की मौत के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था।

भारत-ब्र‍िटेन के बीच ऐत‍िहास‍िक व्‍यापार समझौता

पाकिस्तान की बिगड़ी अर्थव्यवस्था के लिए कुछ राहत मिलने की खबर ऐसे दिन आई जब भारत ने ब्रिटेन के साथ ऐतिहासिक समझौता किया है। गुरुवार को भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (CETA) नाम के फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर हुए। यह डील भारतीय कृषि, समुद्री उत्पाद, वस्त्र, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स और कई अन्य प्रमुख सेक्‍टरों के लिए ब्रिटेन के बाजारों तक टैरिफ-फ्री पहुंच प्रदान करेगा। इससे भारतीय निर्यात में भारी बढ़ोतरी की उम्मीद है। इतना ही नहीं, कई उत्पाद भारत में सस्ते भी हो जाएंगे। यह समझौता भारत के लिए आर्थिक विकास और वैश्विक व्यापार में अपनी स्थिति मजबूत करने का बड़ा अवसर है।


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