विमुक्त, घुमंतु एवं अर्द्ध घुमंतु जातियों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है सरकार: राज्य मंत्री श्रीमती गौर

पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण,विमुक्त, घुमंतु एवं अर्ध घुमंतु राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि विमुक्त, घुमंतु और अर्द्ध घुमंतु जातियों के विकास के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। जन अभियान परिषद के माध्यम से इन विमुक्त, घुमंतु एवं अर्ध घुमंतु 51 जातियों के परिवारों के समेकित विकास के लिए सर्वेक्षण कार्य शुरू किया जाएगा।

राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने मंत्रालय में विभागीय अधिकारियों के साथ विभागीय कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि जन अभियान परिषद पहले चरण में 12 जिलों के 71 ब्लॉक में सर्वेक्षण करेगा। जो 30 अप्रैल 2025 से प्रारंभ होकर 30 सितंबर 2025 तक चलेगा। सर्वेक्षण का उद्देश्य इन समुदाय के लोगों की जीवनशैली, पारंपरिक व्यवसाय और सांस्कृतिक परंपराओं की जानकारी का दस्तावेजीकरण करना है। कई बार निरंतर स्थान बदलने के कारण यह किसी भी भौगोलिक सीमा के सर्वेक्षण में नहीं आ पाते हैं। एक स्थान पर निवास ना होने के कारण इन जातियों के लोगों के आधार कार्ड, समग्र कार्ड इत्यादि भी नहीं बन पाते हैं। इस सर्वेक्षण से शासन की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लाभ इन जातियों को मिल सकेगा, रिहाइशों की पहचान हो सकेगी और स्थान परिवर्तन का समय, कारण व अन्य तथ्यों की जानकारी एकत्रित की जा सकेगी। बैठक में जन अभियान परिषद् के उपाध्यक्ष राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त श्री मोहन नागर, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंखयक कल्याण, विमुक्त, घुमंतु एवं अर्ध घुमंतु विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. ई. रमेश कुमार, संचालक विमुक्त, घुमंतु एवं अर्ध घुमंतु श्री नीरज वशिष्ठ, जन अभियान परिषद के कार्यपालक निदेशक डॉ. बकुल लाड़ उपस्थित थे।

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