‘The Kerala Story 2 नफरत बेचने वाली फिल्म’, सादिया खतीब ने मेकर्स को लताड़ा, याद दिलाई जिम्मेदारी
बॉलीवुड एक्ट्रेस सादिया खतीब ने ‘द केरल स्टोरी 2’ के मेकर्स को जमकर लताड़ा है। विधु विनोद चोपड़ा की फिल्म ‘शिकारा’ से बॉलीवुड डेब्यू करने वाली सादिया ने ‘द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड’ के टीजर पर घोर आपत्ति जताते हुए मेकर्स को ‘कुछ बेहतर’ करने की सलाह दी है। जम्मू-कश्मीर के डोडा में पैदा हुईं सादिया ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक नोट शेयर कर लिखा कि यह ‘प्रोपेगेंडा’ और ‘बंटवारे को बढ़ावा’ दे रही है।
विपुल अमृतलाल शाह के बैनर तले बन रही ‘द केरल स्टोरी 2’ साल 2023 में आई विवादित फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ का सीक्वल है। यह इसी महीने 27 फरवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। कामाख्या नारायण सिंह के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म का दावा है कि यह सच्ची घटनाओं पर आधारित है। टीजर में तीन महिलाएं शादी का झांसा देकर धर्म परिवर्तन के मुद्दे की बात करती हैं। टीजर पर रिएक्ट करते हुए, सादिया ने लिखा है कि जिस तरह इसमें कुछ समुदायों को दिखाया गया है, वह ‘बहुत बुरा’ और ‘अपमान’ है।
सिनेमा के नाम पर ‘प्रोपेगेंडा’ फैलाने का आरोप
अक्षय कुमार के साथ ‘रक्षा बंधन’ में काम कर चुकीं सादिया खतीब ने मेकर्स को फटकार लगाते हुए कहा है, ‘एक मुसलमान और उससे कहीं अधिक एक हिंदुस्तानी होने के नाते मैं यह देखते हुए बहुत घृणा और अपमानित महसूस कर रही हूं। यह मुझे बहुत दुखी करता है, इसलिए नहीं कि हम देख नहीं रहे हैं कि क्या हो रहा है – बल्कि इसलिए कि हम सब इसे खामोशी से स्वीकार कर रहे हैं। प्रोपेगेंडा पर प्रोपेगेंडा। नफरत और डराना। यह सब बड़ी सावधानी से ‘सिनेमा’ और ‘जागरूकता’ के नाम पर लपेटकर परोसा जा रहा है।’
‘नफरत बिकती है, प्रोपेगेंडा असल सच्चाई से अधिक तेजी से फैलता है’
‘द डिप्लोमैट’ की एक्ट्रेस ने ‘द केरल स्टोरी 2’ के फिल्ममेकर्स पर ‘नफरत बेचने’ और इसे बेहद ‘सामान्य चीज’ की तरह पेश करने का आरोप लगाया है। सादिया ने अपने नोट में लिखा है, ‘जब एक पूरे समुदाय को बार बार आतंकवादी, एक विलेन या फिर ऐसे दिखाया जाता है कि वह प्यार के लायक इंसान भी नहीं हैं, तो क्या किसी ने सोचा है कि इससे उस पूरे समुदाय को कैसा महसूस होता है, जब अपने हर ओर इस तरह की नफरत देखते हैं। यह सीधे या छिप-छिपाकर एक सिस्टम की तरह फैलाया जा रहा है। ऐसे जैसे यह सब सामान्य बात है। नफरत बिकती है। प्रोपेगेंडा, सच्चाई से अधिक तेजी से फैलता है। लेकिन कितना! क्या इसका कोई अंत है।’
‘यह सिनेमा नहीं, कला के नाम पर नफरत की कंडीशनिंग है’
सादिया कहती हैं कि यह ‘नफरत’ सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं है। यह एक तरह की कंडीशनिंग हो रही है। उन्होंने लिखा, ‘यह सिनेमा नहीं है – यह कंडीशनिंग है, क्योंकि यह ट्रेंड हो रहा है, क्योंकि यह काम कर रहा है, हमारे देश में मुसलमानों के खिलाफ एक नफरत की आंधी चल रही है। यह सिर्फ सिनेमा तक खत्म नहीं होता। यह स्कूल की कक्षाओं में, दफ्तर में, सड़कों पर हर जगह है। जब मुसलमानों को खलनायक बनाया जाता है, आम इंसानों को संदेह की नजरों से देखा जाता है, यह इसकी नफरत का असर है, जिसे ये कला कह रहे हैं। सिनेमा का बड़ा प्रभाव पड़ता है। यह प्रभाव एक जिम्मेदारी के साथ आती है। हम ऐसी कहानियां चुन सकते हैं, जो जोड़ती हैं, ना कि बांटती हैं। एक जिम्मेदार फिल्म निर्माता के तौर पर हम इससे बेहतर कर सकते हैं।
‘द केरल स्टोरी’ बनी थी ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर
करीब तीन साल पहले साल 2023 में भी इसी तरह ‘द केरल स्टोरी’ को लेकर खूब विवाद हुआ था। तब फिल्म के टीजर रिलीज के बाद इसी तरह उसमें झूठे तथ्य दिखाने के आरोप लगे थे। कोर्ट ने मेकर्स से इसमें बदलाव करने को भी कहा था। हालांकि, बॉक्स ऑफिस पर विवाद का फायदा मिला और यह 241.74 करोड़ की कमाई के साथ ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर बनी।
‘द केरल स्टोरी’ पर भी लगे थे ‘नफरत फैलाने’ के आरोप
इससे पहले, सीरीज की पहली फिल्म की रिलीज के दौरान भी इंडस्ट्री की कई जानी-मानी हस्तियों ने विरोध किया था। तब दिग्गज एक्टर नसीरुद्दीन शाह और कमल हासन के साथ ही मलयालम फिल्ममेकर जियो बेबी में इसमें शामिल थे। फिल्म की आलोचना करते हुए इसमें गलत तथ्यों को दिखाने और एक खास एजेंडा चलाने की बात कही गई थी। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने भी तब कहा था कि यह राज्य की छवि को धूमिल करने की साजिश है।
‘द केरल स्टोरी 2’ की कहानी क्या है?
‘द केरल स्टोरी 2’ के टीजर में प्लॉट की जो झलक दी गई है। उसमें एक्ट्रेस उल्का गुप्ता, ऐश्वर्या ओझा और अदिति भाटिया नजर आती हैं। टीजर के मुताबिक, यह इन तीन हिंदू महिलाओं की कहानी है। केरल की सुरेखा नायर UPSC की तैयारी कर रही है। मध्य प्रदेश की नेहा संत, भाला फेंकने वाली एथलीट है, जो ओलंपिक में देश का नाम रोशन करना चाहती है। जबकि दिव्या पालीवाल एक डांसर है, जो सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बनना चाहती है। ये तीनों महिलाएं तीन मुस्लिम पुरुषों से शादी करती हैं। इनके मुस्लिम पतियों ने ‘धोखा दिया’ और शादी के लिए उन्हें इस्लाम अपनाने पर मजबूर किया।
