अफीम की खेती उजागर करने वाले को जान का खतरा

दुर्ग-भिलाई, दुर्ग जिले के ग्राम समोदा में अफीम की खेती मिलने के बाद प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। बुधवार को शिवनाथ नदी जाने वाले रास्ते पर लगाए गए बैरियर को हटाया गया। कलेक्टर अभिजीत सिंह के आदेश पर राजस्व विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए रास्ते को आम लोगों के लिए खुलवाया।

इधर, अवैध अफीम की खेती की शिकायत करने वाले समोदा के सरपंच अरुण गौतम ने अपनी जान को खतरा बताते हुए पुलिस से सुरक्षा की मांग की है। सरपंच ने पुलिस को लिखित आवेदन देकर आशंका जताई है कि उन्हें झूठे मामलों में फंसाया जा सकता है या नुकसान पहुंचाया जा सकता है।

सरपंच का कहना है कि गांव में अफीम की अवैध खेती की शिकायत करने के बाद से लगातार डर बना हुआ है। आधी रात को कुछ अज्ञात लोग गांव में संदिग्ध रूप से घूमते दिखाई दिए हैं। इसके अलवा उन्होंने कलेक्टर जनदर्शन में गांव में अवैध कब्जे को लेकर शिकायत पत्र सौंपा है।

पुलिस चौकी में दी शिकायत

सरपंच अरुण गौतम ने चौकी जेवरा सिरसा, थाना पुलगांव में आवेदन देकर बताया कि उन्होंने गांव के ही विनायक ताम्रकार और बृजेश ताम्रकार के खिलाफ अवैध अफीम की खेती की शिकायत पुलिस और सतर्कता विभाग में की थी।

शिकायत के बाद पुलिस और प्रशासन ने जांच की, जिसमें खेत में प्रतिबंधित मादक पदार्थ अफीम की खेती होने की पुष्टि हुई। इसके बाद प्रशासन ने फसल जब्त कर आगे की कार्रवाई शुरू की। इस मामले में विनायक ताम्रकार को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

सरपंच ने जताया जान का खतरा

सरपंच का कहना है कि जिन लोगों के खिलाफ उन्होंने शिकायत की थी, वे पहले भी उनके खिलाफ झूठी शिकायतें कर चुके हैं। उनके मुताबिक दोनों आरोपी पहले भारतीय जनता पार्टी के कुछ पदों पर भी रहे हैं, जिससे उनका राजनीतिक प्रभाव रहा है।

सरपंच का आरोप है कि इसी वजह से उन्हें पहले भी परेशान करने की कोशिश की गई थी। उन्होंने आवेदन में बताया कि 7 मार्च की आधी रात को कुछ अज्ञात लोग गांव में संदिग्ध रूप से घूमते दिखाई दिए। ये लोग गांव के नहीं थे और उनके घर के आसपास तथा गलियों में घूम रहे थे।

इसके बाद से उन्हें आशंका है कि कोई उन्हें डराने या नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकता है।

जनदर्शन में भी की शिकायत, सुरक्षा की मांग

सरपंच अरुण गौतम ने बुधवार को कलेक्टर जनदर्शन में भी गांव में अवैध कब्जे को लेकर शिकायत पत्र सौंपा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा।

साथ ही उन्होंने आशंका जताई कि जिन लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई है, वे उन्हें या उनके परिचितों को नुकसान पहुंचा सकते हैं या किसी झूठे मामले में फंसाने की कोशिश कर सकते हैं। इसी कारण उन्होंने पुलिस से अपनी और परिवार की सुरक्षा की मांग की है।

लोहे का बैरियर हटाकर रास्ता खुलवाया

इधर, गांव से शिवनाथ नदी तक जाने वाले रास्ते को भी प्रशासन ने खुलवा दिया है। जानकारी के अनुसार नदी तक जाने वाले मार्ग पर लोहे की जाली का बैरियर लगाया गया था, जिससे आम लोगों की आवाजाही बंद हो गई थी।

आगे के हिस्से में मछली पालन होने के कारण रास्ता बंद किया गया था। कलेक्टर के निर्देश पर बुधवार को राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आरआई, पटवारी की मौजूदगी में बैरियर हटाकर रास्ता फिर से खोल दिया, ताकि ग्रामीण आसानी से नदी तक आ-जा सकें।

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