हिप्नोटाइज था पायलट, अमोल मिटकरी ने अजित पवार के प्लेन क्रैश को बताया साजिश, महाराष्ट्र में राजनीति गरमाई

मुंबई: महाराष्ट्र के दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार के चार्टर्ड विमान के क्रैश होने के मुद्दे पर राजनीति गरमाई हुई है। हादसे के 11 दिन बाद भी अभी तक विमान क्यों दुर्घटनाग्रस्त हुआ? इसकी कोई ठोस वजह सामने नहीं आई है। इस बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के एमएलसी अमोल मिटकरी ने एक बार फिर से प्लेन क्रैश को साजिश करार दिया है। मिटकरी ने सवाल किया है कि ‘क्या पायलट को हिप्नोटाइज करके इस कृत्य के लिए प्रेरित किया गया था? या फिर उसे लालच दिखाया गया?’ मिटकरी ने दावा किया कि पायलट ने मेडे (एमएवाई-डीएवाई) कॉल नहीं दिया और न ही टेकऑफ के बाद पुणे एयरपोर्ट से संपर्क साधा। मिटकरी का कहना है कि इसकी जांच की जानी चाहिए, तो वहीं दूसरी तरफ प्रयागराज में अजित पवार की अस्थियों को विसर्जित किया गया।

क्यों दाे बार बदला पायलट?
28 फववरी सुबह अजित पवार का चार्टर्ड विमान लीयरजेट-45 बारामती में लैंडिंग की कोशिश में क्रैश हो गया था। इसमें डिप्टी सीएम समेत पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। इसमें विमान के पायलट सुमित कपूर और उनकी को-पायलट के साथ विमान अटेंडेंट शामिल थी। अजित पवार अपने अंगरक्षक के साथ विमान में सवार थे। मिटकरी ने कहा है कि यह कंपनी पहले से ही खराब स्थिति में थी। सालों से इस पर प्रतिबंध लगा हुआ था। इसके बावजूद 28 तारीख को वही विमान अजित पवार के लिए दिया गया। मिटकरी का कहना है कि वीएसआर कंपनी के पायलट को दो बार बदला गया।
निजी सचिव पर उठाए सवाल
मिटकरी ने यह बयान ऐसे वक्त पर दिया है जब एनसीपी शरद पवार के सांसद बजरंग सोनवणे बम होने का संदेह जता रहे हैं। सोनवणे का कहना है कि उस दिन अजीत के साथ उनके पीए (निजी सचिव) विमान में क्यों नहीं थे? सोनवणे ने सीएम से मामले की जांच की मांग की है। विमान हादसे की जांच एएआईबी के साथ महाराष्ट्र पुलिस की सीआईडी कर रही है। सीआईडी ने अजित पवार के निजी सचिव से चार घंटे तक पूछताछ की थी। यह भी सामने आया था कि अजित पवार ने बारामती दौरे के लिए सड़क मार्ग से जाने का फैसला किया था। 99 फीसदी दौरा सड़क मार्ग से तय था। यह सवाल उठा था कि आखिर में अजित पवार ने विमान से जाने का फैसला किसकी सलाह पर लिया?
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