कांग्रेस की सूची में सबसे ऊपर चार, परिवारवाद, महिला अत्याचार, अपराध और भ्रष्टाचार

भोपाल । भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि कांग्रेस की पहली सूची में सबसे ऊपर चार, परिवारवाद, महिला अत्याचार, अपराध और भ्रष्टाचार है। आज आई कांग्रेस की सूची ने साबित कर दिया है कि जनता के बाद अब कांग्रेस हाईकामान को भी कमलनाथ पर विश्वास नहीं रहा, यही कारण है छिंदवाड़ा जिले में कमलनाथ को छोड़ किसी भी वर्तमान विधायक की टिकट फाइनल नहीं हुई। इस सूची में दिल्ली और दिग्विजय सिंह की छाप स्पष्ट नजर आ रही है। कांग्रेस ने जनजातीय नायकों का अपमान करने वाले, महिलाओं का उत्पीड़न करने वाले और वंदे मातरम का विरोध करने वाले कांग्रेस नेताओं को टिकिट देकर यह सन्देश दिया है की जिन कांग्रेस नेताओं पर संगीन मामले दर्ज हैं, कांग्रेस ऐसे कृत्य करने वालों के साथ है। ऐसे चाल-चरित्र-चेहरों को लेकर चुनावी मैदान में उतरी कांग्रेस की हार सुनिश्चित है।
विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि कांग्रेस की सूची में परिवारवाद, गुटबाजी, महिला विरोधी की तस्वीर देखी जा सकती है। कांग्रेस ने उमंग सिंघार, सुरेश राजे और सिद्धार्थ कुशवाहा को उम्मीदवार बनाया है इन नेताओं पर कई मामले दर्ज हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि एक ओर भारतीय जनता पार्टी ने 28 युवाओं को मौका दिया हैं लेकिन कांग्रेस की सूची में 50 से 65 साल तक उम्र के नेता भी चुनावी मैदान में हैं इससे पता चलता है कि युवाओं को लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस में कितना अंतर है।
श्री शर्मा ने कहा कि कांग्रेस की पहली सूची आते ही पूरे प्रदेश से विरोध के स्वर और इस्तीफों का दौर शुरू हो चुका है। कई जगहों पर कांग्रेस नेता एक.दूसरे का विरोध खुलकर करने लगे हैं। कांग्रेस में किस हद तक गुटबाजी हावी हो चुकी है, इसकी तस्वीरें जगह-जगह से आना शुरू हो गयी हैं। कांग्रेस में जमीनी कार्यकर्ता को छोड़कर उन्हीं नेताओको टिकट दिया गया हैं जो केवल बड़े नेताओं के चक्कर लगाते हैं। कांग्रेस नेता अजय यादव ने कांग्रेस द्वारा पिछड़ा वर्ग की उपेक्षा का आरोप लगाकर इस्तीफा तक दे दिया है, ऐसा ही हाल हर जिले में है।  
श्री शर्मा ने कहा कि कांग्रेस जिस परिवारवाद के लिए पहचानी जाती है, उस परिवारवाद की छाया भी इस सूची में साफ दिखाई देती है। कांग्रेस ने दिग्विजय सिंह के बेटे जयवर्धन सिंह को राघौगढ़, उनके भाई लक्ष्मण सिंह को चाचौड़ा, उनके रिश्तेदार प्रियव्रत सिंह को खिलचीपुर से, समधी घनश्याम सिंह को सेवड़ा, भांजे सिंधु विक्रम सिंह को शमशाबाद और भांजा-दामाद अजय सिंह को चुरहट से टिकट दिया गया है। इसी तरह प्रेमचंद गुड्डू की बेटी, अरूण यादव के भाई, अजय सिंह के मामा राजेन्द्र कुमार सिंह को टिकट दिया है, इससे यह स्पष्ट है कि कांग्रेस प्रत्याशियों की सूची वंशवाद की भेंट चढ़ गई है।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि छह माह पहले सूची जारी करने वाली कांग्रेस ने गंभीर चिंतन और मंथन कर दागी, आरोपियों और महिलाओं का उत्पीड़न करने वालों को टिकिट दिया है। कांग्रेस की पहली सूची ऐसे कांग्रेसियों से भरी है जो जनजातीय नायकों का अपमान करते हैं, महिलाओं का उत्पीड़न करते हैं, महिलाओं पर अपमानजनक और अशोभनीय टिप्पणी करते हैं, सवर्ण समाज के खिलाफ अमर्यादित भाषा शैली का प्रयोग करने वाले फूलसिंह बरैया और जो वंदे मातरम का विरोध करते हैं, कथावाचकों का अपमान कर गीता श्लोकों की पैरोडी बनाते हैं और जिनके अनैतिक कृत्यों के वीडियो वायरल होते हैं। ऐसे प्रत्याशियों के चाल-चरित्र-चेहरों को लेकर उतरी कांग्रेस की हार सुनिश्चित है।

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