रणथंभौर में बाघिन रिद्धि vs माही, सगी बेटी को करना पड़ा मां के आगे सरेंडर! पढ़ें संघर्ष की इनसाइड स्टोरी

सवाई माधोपुर: राजस्थान के रणथंभौर टाइगर रिजर्व के राजबाग इलाके में प्रकृति का वह कठोर चेहरा देखने को मिला, जिसे देखकर सफारी पर आए पर्यटकों की सांसें गले में अटक गईं। जंगल के कानून में ममता पर ‘इलाका’ भारी पड़ गया, जब रणथंभौर की रानी बाघिन रिद्धि (T-124) अपनी ही सगी बेटी माही (RBT-2504) से भिड़ गई। करीब 90 सेकंड तक चली इस भीषण ‘टेरिटोरियल फाइट’ ने साबित कर दिया कि जंगल में रिश्तों से बड़ा साम्राज्य होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि बाघों के बीच यह फाइट एक सामान्य व्यवहार है।

राजबाग की झाड़ियों में गूंजी दहाड़

जोन नंबर 3 के राजबाग क्षेत्र में मंगलवार सुबह सब कुछ शांत था, तभी अचानक झाड़ियों के पीछे से दो ताकतवर बाघिनों के गुर्राने की आवाजें आने लगीं। 7 साल की अनुभवी शिकारी रिद्धि और उसकी 3 साल की जवान बेटी माही एक-दूसरे के सामने आ चुकी थीं। दोनों के बीच अपने ‘इलाके’ के वर्चस्व को लेकर खींचतान शुरू हुई, जो देखते ही देखते संघर्ष में बदल गई।

मां-बेटी ने एक-दूसरे पर घात लगाकर किया हमला

पर्यटकों के कैमरों में कैद वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे मां-बेटी एक-दूसरे पर घात लगाकर हमला कर रही हैं। दोनों हवा में उछलकर पंजे चला रही थीं और उनकी दहाड़ से पूरा राजबाग इलाका थर्रा उठा। तीन से चार बार भीषण झड़प हुई, लेकिन अंततः अनुभव के आगे जवानी को झुकना पड़ा और माही को अपनी मां रिद्धि के सामने सरेंडर करना पड़ा।

पुरानी है यह ‘किस्तवार’ जंग

रिद्धि और माही के बीच यह पहली भिड़ंत नहीं है। करीब तीन महीने पहले भी इसी जोन नंबर 3 में दोनों के बीच ‘खूनी जंग’ हुई थी। उस वक्त मुकाबला और भी खतरनाक था, रिद्धि के पैर में गंभीर चोट आई थी, तो माही का कान फट गया था। जानकारों की मानें तो माही अब जवान हो चुकी है और वह अपना खुद का इलाका बनाना चाहती है, जबकि रिद्धि अपनी विरासत को छोड़ने के लिए तैयार नहीं है।

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