कानून-व्यवस्था सुदृढ़ीकरण के लिए 7वीं वाहिनी विसबल, भोपाल में बलवा ड्रिल आयोजित

कानून-व्यवस्था की बेहतर तैयारी एवं भीड़ नियंत्रण की प्रभावी क्षमता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 19 दिसंबर को 7वीं वाहिनी विसबल, भोपाल द्वारा मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में प्रातः 10:00 बजे बलवा ड्रिल का आयोजन किया गया। यह अभ्यास सेनानी श्री हितेश चौधरी के मार्गदर्शन एवं उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस अवसर पर वाहिनी के वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
बलवा ड्रिल के दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा भीड़ नियंत्रण, कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा उपद्रव की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई से संबंधित व्यावहारिक अभ्यास किया गया। अभ्यास के लिए सैकड़ों की संख्या में पुलिस बल तैनात रहा, जिनसे बलवा नियंत्रण पार्टियां एवं बलवाई दल गठित किए गए। योजनाबद्ध रूप से दोनों पक्षों के मध्य झड़प की स्थिति उत्पन्न की गई, जिस पर बलवा नियंत्रण दल द्वारा समुचित रणनीति के साथ कार्रवाई करते हुए अश्रुगैस का प्रयोग किया गया। ड्रिल के दौरान कुछ कर्मचारियों को हल्की चोटें आईं, जिन्हें तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया। अभ्यास के समापन तक सभी अधिकारी एवं कर्मचारी पूर्णतः सुरक्षित रहे।
अभ्यास के दौरान सेनानी श्री चौधरी ने उपस्थित बल को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए तथा वास्तविक परिस्थितियों में संयम, सतर्कता एवं रणनीतिक सोच के साथ कार्य करने पर विशेष बल दिया।
बलवा ड्रिल के पश्चात सैनिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन के प्रथम चरण में अनुशासन एवं मर्यादित जीवन अभियान के अंतर्गत सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले इकाई के 03 अधिकारी/कर्मचारियों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने मादक पदार्थों के सेवन से पूर्णतः विमुक्त होने का संकल्प लेकर स्वस्थ, अनुशासित एवं मर्यादित जीवनशैली अपनाई। उन्हें प्रशस्ति-पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए गए।
सम्मेलन के अगले चरण में सेनानी श्री हितेश चौधरी ने वाहिनी के अधिकारी एवं कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना तथा उनके यथासंभव निराकरण के निर्देश दिए। साथ ही सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों को अपने कर्तव्यों के प्रति पूर्ण निष्ठा, अनुशासन एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करने तथा व्यक्तिगत दायित्वों का संतुलित एवं मर्यादित रूप से निर्वहन करने हेतु प्रभावी मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
इन आयोजनों से वाहिनी के अधिकारी एवं कर्मचारियों में अनुशासन, कार्यकुशलता एवं मनोबल में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो भविष्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।
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