फिर फटेगा ट्रंप का टैरिफ बम! इस बार दूसरा तरीका आजमाएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति, भारत पर क्या असर?

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनियाभर में फिर से टैरिफ लगाने की धमकी दी है। उन्होंने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले की भी आलोचना की। पिछले महीने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ को गलत बताते हुए कैंसिल कर दिया था। अब ट्रंप ने कहा है कि उन्हें टैरिफ लगाने का अधिकार है और अब इसे नए तरीके से लगाएंगे।ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म सोशल ट्रूथ पर अपने इरादों के बारे में बताया। उन्होंने कोर्ट के फैसला पर कहा कि यह फैसला अमेरिका को खरबों डॉलर का नुकसान पहुंचा सकता है। यह फैसला उन विदेशी देशों और कंपनियों के लिए फायदेमंद साबित होगा, जो दशकों से अमेरिका का फायदा उठाती रही हैं। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की ओर से ट्रंप के कुछ टैरिफ को अवैध ठहराने के बाद ट्रंप प्रशासन अब कानूनी रास्तों से शुल्क फिर लागू करने की कोशिश कर रहा है।

ट्रंप प्रशासन ने तेज की प्रक्रिया

ट्रंप ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भले ही उनके पुराने टैरिफ मॉडल को रोका हो, लेकिन उनके पास दूसरे रूप में टैरिफ लगाने का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा कि वह इस दिशा में काम शुरू भी कर चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप प्रशासन ने सेक्शन 122 और सेक्शन 301 जैसे वैकल्पिक कानूनी प्रावधानों के तहत नए शुल्क लगाने की प्रक्रिया तेज कर दी है।

नुकसान की भरपाई करना चाहते हैं ट्रंप

  • सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप प्रशासन अब लगभग 1.6 ट्रिलियन डॉलर के अनुमानित टैरिफ रेवेन्यू के नुकसान की भरपाई के लिए नए रास्ते तलाश रहा है।
  • एपी की रिपोर्ट के अनुसार व्हाइट हाउस ने पहले इन टैरिफ से मिलने वाली इनकम को बड़े टैक्स कटौती कार्यक्रम की लागत कम करने के साधन के रूप में देखा था।
  • अब प्रशासन ने 16 अर्थव्यवस्थाओं, जिनमें यूरोपीय संघ, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया और भारत जैसे नाम शामिल हैं, के खिलाफ जांच शुरू करने की तैयारी की है।
  • इन जांचों में सरकारी सब्सिडी, अधिक औद्योगिक क्षमता और जबरन श्रम से बने सामान जैसे मुद्दों को देखा जाएगा।

आसान नहीं होगी राह

ट्रंप के लिए नए टैरिफ लागू करना इतना आसान नहीं होगा। एक्सपर्ट के मुताबिक ट्रंप को ऐसा करने के लिए कई तरह की कानूनी प्रक्रियाओं से गुजरना होगा। एपी के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन सेक्शन 301 के तहत नए व्यापारिक जांच ढांचे का इस्तेमाल कर रहा है, लेकिन इससे पहले जितनी तेजी और व्यापकता से राजस्व जुटाना संभव होगा या नहीं, इस पर सवाल बने हुए हैं।

भारत पर क्या पड़ेगा असर?

अगर ट्रंप फिर से कोई टैरिफ लगा देते हैं तो भारत समेत दुनिया में इसका असर दिखाई दे सकता है। शेयर बाजार जहां ईरान युद्ध के कारण पहले ही लुढ़क गया है, नए टैरिफ के बाद इसमें और गिरावट आ सकती है। साथ ही भारत के IT सेक्टर, फार्मास्यूटिकल्स, और टेक्सटाइल एक्सपोर्ट पर भी बड़ा असर पड़ सकता है। रुपये में गिरावट आ सकती है जिससे भारत की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

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